गुजर चुकी मां के खाते में आए ₹1,13,56,00,00,00,000, बेटे के उड़े होश, 36 अंकों की राशि

गुजर चुकी मां के खाते में आए ₹1,13,56,00,00,00,000, बेटे के उड़े होश, 36 अंकों की राशि

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के दनकौर इलाके से एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। यहां एक मृत महिला गायत्री देवी के बैंक खाते में अचानक 1 अरब 13 लाख 56 हजार करोड़ रुपये आ गए। यह राशि किसी आम गलती का मामला नहीं लगती, बल्कि इसमें किसी बड़े तकनीकी या साइबर एरर की आशंका जताई जा रही है। मृतक महिला के बेटे दीपक कुमार को जब इस राशि की जानकारी मिली तो उनके होश उड़ गए। वह इस खाते का उपयोग अपनी मां की मृत्यु के बाद भी यूपीआई से कर रहे थे और एक सामान्य ट्रांजेक्शन के दौरान उन्हें यह जानकारी मिली। खाते में कुल ₹1,13,56,00,00,00,000 यानी 1 लाख 13 हजार अरब से भी ज्यादा की राशि दर्ज थी, जो 36 अंकों में दिखाई दी। इतनी बड़ी राशि देखकर दीपक ने तुरंत बैंक से संपर्क किया और बैंक ने सुरक्षा की दृष्टि से खाते को फ्रीज कर दिया। मामले की जानकारी आयकर विभाग को दी गई है और जांच शुरू हो चुकी है। हालांकि पुलिस को इस मामले की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है, लेकिन इस घटना की खबर पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई है। ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं कि आखिर इस मृत महिला के खाते में इतनी भारी-भरकम रकम कैसे आ गई। लोग इसे बैंकिंग सिस्टम की बड़ी गड़बड़ी मान रहे हैं तो कुछ इसे किसी बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग साजिश से जोड़कर देख रहे हैं।

मैसेज आया और उड़ी नींद: बेटे को मिली जानकारी
20 वर्षीय दीपक कुमार को जैसे ही मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके मां के खाते में भारी भरकम राशि आ गई है, उन्होंने पहले इसे फेक मैसेज समझा। लेकिन जब उन्होंने बैंक बैलेंस चेक किया, तो आंखें फटी की फटी रह गईं। खाते में ₹1,13,56,00,00,00,000 की राशि दिखाई दे रही थी, जो 36 अंकों में थी। दीपक इस अकाउंट से UPI के जरिए छोटा ट्रांजेक्शन करना चाहते थे, लेकिन पेमेंट फेल हो गया। इसके बाद जब उन्होंने बैलेंस चेक किया, तो मामला सामने आया।

बैंक ने खाता किया फ्रीज, IT विभाग को भेजा मामला
जैसे ही दीपक ने यह जानकारी बैंक को दी, कोटक महिंद्रा बैंक के अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत खाता फ्रीज कर दिया। इसके बाद इस अजीबोगरीब मामले की सूचना आयकर विभाग को भेजी गई। बैंक अधिकारियों का कहना है कि ऐसी तकनीकी गड़बड़ियां सिस्टम में दुर्लभ होती हैं लेकिन इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। इस बीच इनकम टैक्स विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है कि आखिर यह राशि आई कहां से।

पुलिस बेखबर, लेकिन गांव में चर्चाओं का दौर तेज
स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्हें इस मामले की कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने कहा, “अगर ऐसा कोई मामला है तो जांच जरूर की जाएगी।” उधर गांव में यह मामला तेजी से फैल गया है। ऊंची दनकौर इलाके में लोग अब सिर्फ इसी घटना की चर्चा कर रहे हैं और तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं – कोई इसे सरकार की गलती मान रहा है, तो कोई हैकिंग की साजिश।

क्या है मनी लॉन्ड्रिंग या तकनीकी गड़बड़ी?
जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी देश में हुई हैं जब खाते में अरबों-खरबों की राशि गलती से ट्रांसफर हो गई हो। कई बार ये सॉफ्टवेयर बग, मनी लॉन्ड्रिंग या साइबर फ्रॉड का हिस्सा होती हैं। फिलहाल IT विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि ट्रांजेक्शन वाकई हुआ है या सिर्फ अकाउंटिंग सिस्टम में राशि “दिखी” है। अगर यह असली ट्रांजेक्शन है तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा बैंकिंग मिस्टेक या घोटाला हो सकता है।

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