बिहार: महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में नीतीश सरकार का नया कदम…जल्द मिलेगी महिलाओं को ये सुविधा…!
महिलाओं की सुरक्षित, सुलभ और आरामदायक यात्रा के लिए बिहार सरकार एक बड़ी पहल करने जा रही है। बिहार राज्य परिवहन विभाग जल्द ही 80 नई CNG पिंक बसें शुरू करने जा रहा है, जो केवल महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह पहल राज्य के महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकती है।
- बिहार में महिला सुरक्षा को बढ़ावा
- जल्द होंगी शुरू 80 नई पिंक बसें
- राज्य में सुविधा और सुरक्षा का नया अध्याय
- बिहार परिवहन विभाग की नई पहल
- 80 नई सीएनजी पिंक बसें शुरू करने जा रहा है
- विभागीय स्तर पर इसकी कवायद शुरू कर दी गई है
कहां चल रही हैं अभी पिंक बसें?
बिहार में मई 2025 से बिहार के पांच जिलों राजधानी पटना, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया और दरभंगा में पिंक बसों का संचालन हो रहा है। फिलहाल मुजफ्फरपुर में 4 बसें,भागलपुर, गया, पूर्णिया, दरभंगा में 2-2 बसें चल रही हैं। अब इनकी संख्या को बढ़ाकर 80 करने की तैयारी चल रही है।
पास कैसे बनवाएं महिलाएं?
मासिक पास बनवाने के लिए महिलाओं को देना होगा
आधार कार्ड
कॉलेज और स्कूल की ID
मोबाइल नंबर
पास बांकीपुर या फुलवारी स्थित बीएसआरटीसी कार्यालय से बनवाया जा सकता है।
कॉलेज जाने वाली छात्राओं को राहत
पटना वीमेंस कॉलेज की छात्रा खुशी बताती हैं कि यह बस सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं। “पहले ऑटो या ई-रिक्शा में असहजता होती थी, लेकिन अब सफर पूरी तरह से सुरक्षित और आरामदायक है। अन्य छात्राएं जैसे ज्योत्सना, सौम्या, अनिशा और मेहरीन भी हर दिन इस सेवा का लाभ उठा रही हैं। बसों में GPS और CCTV कैमरे लगे हैं, जिससे सुरक्षा और निगरानी पुख्ता रहती है।
महिला कंडक्टर भी बनीं प्रेरणा
इन बसों की कमान महिला कंडक्टरों के हाथ में है। पटना में 16 महिला कंडक्टर, गया और भागलपुर में 4-4 महिला कंडक्टरों की तैनाती की गई है। ये महिलाएं ना केवल सेवा दे रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वतंत्रता की मिसाल भी बन रही हैं। पटना की एक महिला कंडक्टर संजू कुमारी बताती हैं, “हर दिन कई महिलाओं से बातचीत होती है, अपनापन महसूस होता है।”
महिला पुलिस सिपाही का भरोसा
बस की आखिरी सीट पर बैठीं महिला सिपाही ज्योत्सना कहती हैं, “वे दूसरे राज्य से आई हैं। बिहार में पहले महिला सुरक्षा को लेकर आशंकाएं थीं, लेकिन अब ये बसें और माहौल भरोसा देते हैं। बिहार में पिंक बस योजना केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण और सुरक्षा का एक मजबूत संदेश है। आने वाले समय में जब 80 नई बसें सड़कों पर दौड़ेंगी, तो यह पहल बिहार की महिलाओं के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव का वाहक बनेगी। …(प्रकाश कुमार पांडेय)