पटना। बिहार के पूर्णिया में शनिवार को राजद-जेडीयू-कांग्रेस-वामपंथी दलों की रैली हुई, जिसे ये लोग महागठबंधन कहते हैं। इस रैली में नीतीश-तेजस्वी समेत महागठबंधन के कई नेता शामिल हुए। रैली को RJD सुप्रीमो लालू यादव ने वर्चुअली संबोधित किया, जो फिलहाल पशुपालन घोटाले में सजायाफ्ता हैं और अभी जमानत पर चल रहे हैं। सिंगापुर से किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के बाद लालू फिलहाल दिल्ली में हैं।
- सजायाफ्ता लालू प्रसाद ने कहा- भाजपा कोई पार्टी नहीं, वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुखौटा है।
- आरजेडी प्रमुख ने कहा कि भाजपा और RSS घोर आरक्षण विरोधी हैं। एकजुट रहिए। हम साथ रहेंगे तो ये लोग कुछ नहीं कर पाएंगे।
- लालू ने कहा कि देश से नरेंद्र मोदी सरकार की विदाई का समय आ चुका है। 2024 में रिकॉर्ड तोड़ना है। लालू यादव ने याद दिलाया कि बिहार वालों के साथ मिलकर मैंने RSS के रथ को रोका था।
- लालू ने RSS के गुरु गोलवलकर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि गोलवलकर ने ‘बंच ऑफ थॉट्स’ में खतरनाक बातें लिखी हैं।
नीतीश ने कहा- विपक्ष एकजुट हो जाए
नीतीश ने फिर विपक्ष के एकजुट होने की बात दोहराई। उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस को चुनौती दी और कहा कि कांग्रेस तय करे कि अगर हम सभी एकजुट हों तो 2024 में भाजपा को 100 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी।
- सीएम ने कहा जीवन भर आप लोगों के हित के लिए काम करेंगे। मेरी कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है। मेरी ख्वाहिश है कि देश आगे बढ़े, इसके लिए बीजेपी को हराना होगा।
- सीएम ने अपने ऊपर लगे आक्षेपों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके बारे मे कहा गया कि जॉर्ज फर्नांडिस को धोखा दिया, जबकि हम उनके साथ ही थे। शरद यादव के बारे में ऊलजलूल बोला, जबकि आज उनका बेटा यहां बैठा है। नीतीश ने कहा कि अब वे लोग जीतन राम मांझी पर लगे है, लेकिन हम उनको कहीं नहीं जाने देंगे।
तेजस्वी भी पिता के नाम पर खूब बोले
नीतीश से पहले तेजस्वी यादव ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज लोगों की दुआ से उनके पिता बिल्कुल ठीक हैं। उनको बहुत खुशी है कि लालू जी फिर से पुराने अंदाज में नजर आए।
- मेरे पिता हमेशा सांप्रदायिक लोगों से लड़ते रहे। बीजेपी के लोग लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं। हम सब सातों पार्टियां मिलकर देश को आगे ले जाएंगे।
- तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ बोलते ही देश में छापे पड़ जाते हैं। उनसे मिलकर रहने वालों को बचाया जाता है। नीतीश ने बिल्कुल सही समय पर उनका साथ छोड़कर महागठबंधन बना लिया।
- तेजस्वी बोले कि जब-जब बिहार लड़ता है तब-तब दिल्ली हारता है। नीतीश जी की पार्टी के साथ इन्होंने क्या-क्या नहीं किया।
तेजस्वी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनने की किसी की इच्छा नहीं है। - तेजस्वी ने कहा कि 2024 में बीजेपी को सत्ता से बेदखल कर देना है। 24 की लड़ाई संघियों, RSS और भाजपा से लड़ाई है।
हालांकि, भाषण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की जुबान फिसली और तेजस्वी अपने स्वागत भाषण में हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी का नाम भूल गए। इसी तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भाषण के दौरान तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री कह दिया।