केंद्र सरकार ने आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार का उद्देश्य इन इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर इलाज, मजबूत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। लोकसभा में दिए गए लिखित जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि केंद्र राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है, जिससे खासकर आदिवासी बहुल जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा सके।
दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने के लिए नियमों में दी गई छूट
सरकार ने अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए NHM के तहत कई मानकों में बदलाव किया है। पहाड़ी, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में सब हेल्थ सेंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित करने के लिए जनसंख्या से जुड़े मानदंडों को आसान बनाया गया है। साथ ही, हर बस्ती तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की तैनाती का दायरा बढ़ाया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य मार्गदर्शन मिल सके।
मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की संख्या बढ़ाकर गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही चिकित्सा सुविधा
दूरदराज क्षेत्रों में स्थायी अस्पतालों की कमी को देखते हुए मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMUs) की संख्या बढ़ाई गई है। अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रति जिले अधिकतम चार मोबाइल मेडिकल यूनिट्स संचालित की जा सकती हैं, जबकि विशेष जनजातीय क्षेत्रों में यह संख्या दस तक हो सकती है। देशभर में कुल 1,453 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स कार्यरत हैं, जो कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इलाकों में जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य नेटवर्क को किया जा रहा मजबूत
सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) नेटवर्क का विस्तार किया है। देशभर में संचालित 1.84 लाख स्वास्थ्य केंद्रों में से 31,023 केंद्र 178 आदिवासी जिलों में स्थित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को रोकथाम, उपचार और पुनर्वास जैसी व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। इसके साथ ही टेलीकंसल्टेशन सुविधा के जरिए अब तक 44 करोड़ से ज्यादा ऑनलाइन परामर्श किए जा चुके हैं, जिससे विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंच आसान हुई है।
निगरानी व्यवस्था मजबूत, स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर
स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए नियमित समीक्षा बैठकें, फील्ड विजिट और कॉमन रिव्यू मिशन आयोजित किए जाते हैं। इन माध्यमों से योजनाओं की प्रगति पर नजर रखी जाती है और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समान स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें और सेवा गुणवत्ता में लगातार सुधार होता रहे।