New Tax Bill 2025: आज पेश हो सकती है लोकसभा में रिपोर्ट….285 बदलाव किए गए…धाराएं अब सिर्फ 536
भारतीय टैक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और सहज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार जल्द ही नया इनकम टैक्स बिल 2025 लोकसभा में पेश करेगी। यह बिल छह दशक पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा। पुराने कानून की जटिल भाषा और धाराओं को हटाकर एक सरल, समझने योग्य और लोगों के अनुकूल टैक्स ढांचे को तैयार किया गया है। जिसे अब संसद में पेश किया जा रहा है। बता दें New Tax Bill विधेयक को महज 2.6 लाख शब्दों में समेटा गया है, जबकि पुराने New Tax कानून में करीब 5.12 लाख शब्द थे। New Tax Bill का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को और अधिक पारदर्शी के साथ विवाद-मुक्त बनाना है।
- नया टैक्स बिल: एक नई शुरुआत
- New Tax Bill पर रिपोर्ट
- रिपोर्ट लोकसभा में पेश होगी
- कितना अलग है 285 बदलाव वाला बिल
285 बदलावों वाला सरलीकृत बिल
यह विधेयक 285 बदलावों के साथ संसद में प्रस्तुत किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय प्रवर समिति को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने फरवरी में यह जिम्मेदारी सौंपी थी। समिति ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश विधेयक की गहन समीक्षा की है। पैनल ने जो सुझाव दिए हैं, उनका मकसद कानून की व्याख्या को आसान बनाना और करदाताओं के लिए अनुपालन की प्रक्रिया को सरल बनाना है। यह रिपोर्ट संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, 21 जुलाई 2025 को पेश की जाएगी।
धाराओं में भारी कटौती
New Tax Bill में 819 से 536 नए विधेयक में धाराओं की संख्या घटाकर 536 कर दी गई है, जो पहले 819 थीं। अध्यायों की संख्या भी अब 47 से घटाकर 23 कर दी गई है। इस बिल में आयकर से संबंधित प्रावधानों को सहज बनाने की कोशिश की गई है ताकि आम नागरिकों को भी बिना विशेषज्ञ सहायता के कानून की मूल बातें समझ में आ सकें। टैक्स विभाग द्वारा जारी FAQ के अनुसार, इस बिल का लक्ष्य मुकदमों की संख्या को कम करना है, जिससे टैक्स विवादों में कमी आएगी और न्यायिक व्यवस्था पर बोझ घटेगा।
एसेसमेंट ईयर’ की जगह ‘टैक्स ईयर’
नए विधेयक का एक अहम पहलू यह है कि इसमें ‘एसेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ की पारंपरिक व्यवस्था को खत्म कर ‘टैक्स ईयर’ की एकीकृत प्रणाली integrated system लाने का ही एक प्रस्ताव है। वर्तमान व्यवस्था में उदाहरण के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 की आय पर टैक्स 2024-25 में लगाया जाता है। लेकिन अब से नये प्रस्ताव में सीधे आय अर्जन वाले वर्ष को ही कर वर्ष माना जाएगा। इससे टैक्स फाइलिंग और लेखांकन में पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी। यह बदलाव न केवल प्रोफेशनल्स के लिए बल्कि आम टैक्सपेयर्स के लिए भी राहतभरा होगा।
ग्राफिकल टेबल और सरलीकृत भाषा
New Tax Bill नए बिल में 57 टेबल्स शामिल की गई हैं, जबकि मौजूदा कानून में केवल 18 थीं। इन टेबल्स की मदद से टीडीएस (TDS), टीसीएस (TCS), टैक्स बेनेफिट्स और अन्य प्रावधानों को आसान तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा करीब 1,200 जटिल कानूनी प्रावधान और 900 स्पष्टीकरण हटाए गए हैं। यह प्रयास इस दिशा में है कि टैक्स कानून सिर्फ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और वकीलों की समझ तक सीमित न रहकर सामान्य जनता भी इसे आसानी से समझ सके।
New Tax Bill नए टैक्स बिल 2025 को कानून का एक क्रांतिकारी संस्करण माना जा रहा है। यह न केवल पुराने कानून की खामियों को दूर करेगा बल्कि कर प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और करदाताओं की सुविधा बढ़ाने का काम करेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि संसद में इस रिपोर्ट पर क्या बहस होती है और क्या यह बिल सर्वसम्मति से पारित हो पाता है। आने वाले समय में इस विधेयक का प्रभाव देश के टैक्स ढांचे पर निर्णायक साबित हो सकता है।…( प्रकाश कुमार पांडेय)





