विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में नई भर्ती होने जा रही है। बिहार समाज कल्याण विभाग के महिला और बाल विकास निगम के तहत मुख्यालय, निगम, जिला ही नहीं अनुमंडल स्तर पर भी करीब 390 पदों को बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 15 और पीएचईडी में 28 पदों पर बहाली की जाएगी। राज्यपाल सचिवालय में दो पद चालक के लिए भी सृजित किए गए हैं।
- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में नई भर्ती
- करीब 4 हजार 799 पदों पर होगी भर्ती
- बिहार समाज कल्याण विभाग में भर्ती
- महिला और बाल विकास निगम में भर्ती
दरअसल बिहार की नीतीश कुमार सरकार की ओर से अलग-अलग विभागों में जल्द ही बड़े पैमाने पर सरकारी भर्ती का आगाज किया जाएगा। नीतीश कुमार सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इसकी संख्या करीब 4 हजार 799 के आसपास है। इसमें सबसे अधिक शिक्षा विभाग के पद है। जहां 2361 अलग-अलग पदों पर भर्ती होगी। वहीं दूसरी सबसे अधिक बहाली नगर विकास और आवास विभाग में होने वाली है। इसकी संख्या भी 1350 है। इन विभागों के भर्ती से जुड़े सभी मसौदों पर सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में मंजूरी दे दी गई है।
कैबिनेट में लिए निर्णय को लेक बिहार मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव डॉ.एस सिद्धार्थ ने विस्तार से इस संबंध में जानकारी दी है। डॉ.एस सिद्धार्थ ने बताया कैबिनेट में अलग-अलग विभागों के 47 अहम एजेंडों पर अपनी मुहर लगाई है।जिसमें सभी पदों पर बहाली की प्रक्रिया को जल्द ही शुरू की जाएगा। जानकारी के अनुसार बिहार में शिक्षा पदाधिकारी के करीब 935 और शिक्षा विकास पदाधिकारी के 568 पदों पर भर्ती होगी। जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षा पदाधिकारी के इन 935 पदों पर और शिक्षा विकास पदाधिकारी के करीब 568 यानी टोटल 1503 पदों पर बहाली की जाएगी। औसतन 10 पंचायतों पर एक निरीक्षण पदाधिकारी के पद का सृजन किया जाएगा।
कुल पदों की संख्या 4,799
- प्रमुख विभागों में भर्ती विवरण
- शिक्षा विभाग: कुल 2,361 पद
- सहायक शिक्षा पदाधिकारी AEO 935 पद
- शिक्षा विकास पदाधिकारी BDO Education के 568 पद
- अन्य शेष 858 पद
औसतन 10 पंचायतों पर एक निरीक्षण पदाधिकारी का सृजन किया जाएगा।
नगर विकास एवं आवास विभाग: 1,350 पद
यह विभाग भर्ती संख्या के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा है।
इन सभी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
इस फैसले के लाभ
युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
शिक्षा और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्यक्षमता बढ़ेगी
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा निरीक्षण प्रणाली मजबूत होगी
पंचायतों की संख्या के आधार पर सहायक शिक्षा पदाधिकारी के साथ ही शैक्षणिक प्रखंडों की संख्या के आधार पर शिक्षा विकास पदाधिकारी के पदों का राज्य में सृजन किया गया है। इसके अतिरिक्त बिहार शिक्षा परियोजना परिषद में विभिन्न स्तर पर करीब 818 पदों की स्वीकृति कैबिनेट में दी गई है। शिक्षा विभाग में सरकारी स्कूल या शैक्षणिक संस्थानों के साथ कार्यालयों में जमीन का सत्यापन, जमीन विवरण जमा करने के साथ ही इनके संरक्षण के लिए भी दो भू संपदा पदाधिकारी और सहायक भू संपदा पदाधिकारी के करीब 38 पदों को बनाया गया है। इन पर भी जल्द ही बहाली की जाएगी।
राज्य में नगर विकास और आवास विभाग में करीब 1350 पदों पर बहाली होना है। सात आयोजन क्षेत्र प्राधिकार बोधगया, राजगीर, गया, बिहारशरीफ, मुजफ्फरपुर, आरा और सहरसा में 147 को प्रत्यार्पित करते हुए करीब 1 हजार 350 पदों का सृजन किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग में भी करीब 653 पदों पर बहाली होने वाली है। …(प्रकाश कुमार पांडेय)