मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को एक और बड़ी रफ्तार मिलने जा रही है. उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में सीमेंस एनर्जी इंडिया की बड़ी पॉवर ट्रांसफार्मर निर्माण इकाई स्थापित होने वाली है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कंपनी को 60.49 एकड़ भूमि का आशय पत्र सौंपा. कंपनी ने इस परियोजना में करीब 2053 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है. दावा है कि इससे 1500 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा. यह सिर्फ एक औद्योगिक इकाई की स्थापना नहीं है. इसके जरिए मध्यप्रदेश को ऊर्जा उपकरण निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की कोशिश को भी गति मिल सकती है.
उज्जैन में बनेगा पावर ट्रांसफार्मर का बड़ा केंद्र
विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में स्थापित होने वाली प्रस्तावित इकाई में बड़ी क्षमता वाले पॉवर ट्रांसफार्मरों का निर्माण किया जाएगा. आज जब देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार की जरूरत भी बढ़ रही है, ऐसे में ऊर्जा उपकरणों का स्थानीय निर्माण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है. ट्रांसफार्मर बिजली उत्पादन केंद्रों से लेकर ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था तक पूरी विद्युत प्रणाली का अहम हिस्सा हैं. ऐसे में सीमेंस की प्रस्तावित इकाई मध्यप्रदेश के साथ-साथ देश की बढ़ती विद्युत अवसंरचना जरूरतों को पूरा करने में भूमिका निभा सकती है.
2053 करोड़ का निवेश, रोजगार की बड़ी उम्मीद
परियोजना का सबसे सीधा असर निवेश और रोजगार के रूप में दिखाई देगा. कंपनी ने करीब 2053 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है और इकाई से 1500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की बात कही गई है. लेकिन इसका प्रभाव केवल प्रत्यक्ष रोजगार तक सीमित रहने की संभावना नहीं है. किसी बड़े विनिर्माण संयंत्र के आसपास सहायक उद्योग, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, रखरखाव, इंजीनियरिंग सेवाएं और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी विकसित होती हैं. यानी एक बड़ी औद्योगिक इकाई के साथ पूरा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होने की संभावना बनती है.
मध्यप्रदेश की औद्योगिक रणनीति को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक अधोसंरचना, उपलब्ध भूमि बैंक और निवेशक अनुकूल नीतियों के कारण मध्यप्रदेश निवेश के प्रमुख केंद्रों में तेजी से उभर रहा है. सरकार के लिए इस तरह का निवेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को भोपाल और इंदौर जैसे पारंपरिक केंद्रों से आगे दूसरे शहरों तक ले जाने की कोशिश हो रही है.उज्जैन में सीमेंस की इकाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है. इससे उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में बड़े उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनने का संदेश जा सकता है.
ऊर्जा क्षेत्र में बदलती जरूरतों का फायदा
भारत में बिजली की मांग, ट्रांसमिशन क्षमता और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार हो रहा है. सौर और पवन ऊर्जा जैसी परियोजनाओं को ग्रिड से जोड़ने के लिए मजबूत ट्रांसमिशन व्यवस्था जरूरी है. यही वजह है कि पावर ट्रांसफार्मर और दूसरे ऊर्जा उपकरणों की मांग आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण बनी रह सकती है. सीमेंस एनर्जी की प्रस्तावित इकाई इस बढ़ती जरूरत से सीधे जुड़ी है. बड़ी क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों का निर्माण होने से देश के ट्रांसमिशन नेटवर्क और ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार में स्थानीय विनिर्माण क्षमता बढ़ सकती है.
उज्जैन के लिए निवेश से आगे की कहानी
विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में इस परियोजना का महत्व केवल 60.49 एकड़ जमीन और 2053 करोड़ रुपये के निवेश तक सीमित नहीं है. अगर परियोजना तय समयसीमा के अनुसार जमीन पर उतरती है, तो उज्जैन की पहचान धार्मिक और पर्यटन नगरी के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में भी मजबूत हो सकती है. इसके साथ स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और कुशल रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं. सहायक उद्योगों को बाजार मिल सकता है और लॉजिस्टिक्स तथा सेवा क्षेत्र को भी गति मिल सकती है.
असली तस्वीर परियोजना के क्रियान्वयन से बनेगी
निवेश प्रस्ताव और आशय पत्र औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, लेकिन अंतिम सफलता इस बात से तय होगी कि परियोजना कितनी तेजी से धरातल पर उतरती है. भूमि आवंटन के बाद निर्माण, मशीनरी स्थापना, उत्पादन शुरू होने और रोजगार के वास्तविक सृजन तक कई चरण होते हैं. इसलिए अब नजर परियोजना के अगले चरणों पर रहेगी. फिलहाल 2053 करोड़ रुपये का प्रस्ताव, 1500 से ज्यादा रोजगार और ऊर्जा उपकरण निर्माण जैसी गतिविधियां मध्यप्रदेश के औद्योगिक विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर जरूर पेश करती हैं. उज्जैन में सीमेंस एनर्जी की यह इकाई अगर तय योजना के मुताबिक आकार लेती है, तो यह सिर्फ एक कंपनी का निवेश नहीं होगी. यह मालवा क्षेत्र में उच्च तकनीक वाले विनिर्माण, रोजगार और ऊर्जा उपकरणों के नए औद्योगिक अध्याय की शुरुआत बन सकती है.





