नेपाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद नई सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री KP शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पिछले साल सितंबर 2025 में हुए Gen Z आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और करीब 76–77 लोगों की मौत के मामले में दोनों नेताओं को गैर-इरादतन हत्या और आपराधिक लापरवाही के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई नए प्रधानमंत्री बालेन शाह के शपथ ग्रहण के अगले ही दिन की गई, जिससे नेपाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
Gen Z आंदोलन में हुई मौतों के मामले ने बदली राजनीतिक तस्वीर
सितंबर 2025 में नेपाल में युवाओं के नेतृत्व में बड़ा जनआंदोलन हुआ था, जिसे ‘Gen Z आंदोलन’ कहा गया। यह विरोध प्रदर्शन सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंधों, बढ़ते भ्रष्टाचार और सरकारी नीतियों के खिलाफ शुरू हुआ था। देखते ही देखते हजारों युवा सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में गई 76 से ज्यादा लोगों की जान
आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा बल प्रयोग किया गया। कई जगह झड़प और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं, जिनमें करीब 76–77 लोगों की मौत हो गई। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जनता में आक्रोश बढ़ गया था और विपक्ष लगातार तत्कालीन सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहा था।
नई सरकार ने जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर लिया बड़ा फैसला
नए प्रधानमंत्री बालेन शाह के पद संभालते ही जांच आयोग की रिपोर्ट को आधार बनाकर कार्रवाई शुरू कर दी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि उस समय की सरकार के शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। इसी आधार पर पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री को भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके निवास से हिरासत में लिया।
ओली ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। उनका कहना है कि नई सरकार विपक्ष के नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि वह अदालत में कानूनी तरीके से अपनी बात रखेंगे और आरोपों का जवाब देंगे।
नेपाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सख्ती के संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार भ्रष्टाचार और पुराने मामलों को लेकर सख्त रुख अपनाना चाहती है। Gen Z आंदोलन से उभरे नए नेतृत्व ने साफ संकेत दिए हैं कि हिंसा और प्रशासनिक फैसलों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।





