उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे और हाईवे नेटवर्क को विस्तार देने के बाद अब योगी सरकार राज्य को उत्तर से दक्षिण दिशा में जोड़ने की बड़ी तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1531 किलोमीटर लंबे “नार्थ-साउथ कॉरिडोर” की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के जरिए नेपाल सीमा से लेकर बुंदेलखंड और आगे दक्षिण भारत तक हाई-स्पीड सड़क संपर्क स्थापित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश के कृषि, व्यापार, उद्योग और पर्यटन क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी।
नेपाल बॉर्डर से बुंदेलखंड तक दौड़ेगी विकास की रफ्तार
योगी सरकार बनाएगी 1531 किमी लंबा नार्थ-साउथ कॉरिडोर
पूर्वांचल से बुंदेलखंड तक नई कनेक्टिविटी
चार बड़े कॉरिडोर का तैयार हुआ ब्लूप्रिंट
सरकार ने इस महायोजना के तहत चार बड़े कॉरिडोर चिह्नित किए हैं। इनमें कुशीनगर से जमानिया, पीपरी से प्रयागराज, लखीमपुर से बांदा और मुरादाबाद से हमीरपुर तक के मार्ग शामिल हैं। कुल 1531 किलोमीटर लंबे इस नेटवर्क में से करीब 1232 किलोमीटर हिस्से में पहले से एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्ग मौजूद हैं, जबकि बाकी हिस्सों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर काम शुरू किया जा रहा है।
नेपाल सीमा से दक्षिण भारत तक सीधा संपर्क
इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य नेपाल सीमा से जुड़े जिलों को सीधे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से जोड़ना है। इससे तराई और पूर्वांचल क्षेत्रों के व्यापारियों तथा किसानों को बड़े बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी। सरकार का मानना है कि मजबूत सड़क नेटवर्क से माल परिवहन की लागत घटेगी और समय की बचत होगी।
किसानों और व्यापारियों को मिलेगा लाभ
कॉरिडोर बनने से किसानों को अपनी उपज बड़े शहरों और दक्षिण भारत के बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। बुंदेलखंड और पूर्वांचल के औद्योगिक क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
धार्मिक पर्यटन को भी मिलेगी नई उड़ान
नए नार्थ-साउथ कॉरिडोर से प्रयागराज, चित्रकूट और कुशीनगर जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। सरकार इसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला बड़ा कदम मान रही है।
विकास की नई तस्वीर गढ़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना के कार्यों में तेजी लाई जाए और दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे के बाद अब नार्थ-साउथ कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की नई पहचान माना जा रहा है।