यूपी में बच्चों की सेहत में सुधार
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं में किए गए सुधारों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार नवजात, शिशु और पांच वर्ष तक के बच्चों की मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। यह सुधार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ते भरोसे और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का परिणाम माना जा रहा है।
यूपी में बच्चों की सेहत में सुधार
मृत्यु दर के आंकड़ों में गिरावट
स्वास्थ्य ढांचे का हुआ विस्तार
MNCU बनी बड़ी सफलता
तकनीकी अपग्रेडेशन से बदला सिस्टम
स्वच्छता और प्रशिक्षण का असर
मृत्यु दर के आंकड़ों में गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार नवजात मृत्यु दर (NMR) 26 से घटकर 25 हो गई है। शिशु मृत्यु दर (IMR) 37 से घटकर 35 दर्ज की गई है, जबकि पांच साल तक के बच्चों की मृत्यु दर 42 से घटकर 41 हो गई है। यह सुधार भले ही प्रतिशत के स्तर पर छोटा दिखे, लेकिन लाखों बच्चों के जीवन में इसका बड़ा प्रभाव माना जा रहा है।
स्वास्थ्य ढांचे का हुआ विस्तार
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर से लेकर जिला महिला अस्पतालों तक सुविधाओं का विस्तार हुआ है। डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी इलाज संभव हो सका है।
MNCU बनी बड़ी सफलता
मदर न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU) इस सुधार में गेम चेंजर साबित हुई है। इस व्यवस्था के तहत प्रसव के तुरंत बाद मां और नवजात को एक साथ रखा जाता है, जिससे शिशु को शुरुआती देखभाल और स्तनपान तुरंत मिल पाता है। इससे संक्रमण और शुरुआती जटिलताओं के कारण होने वाली मौतों में कमी आई है।
तकनीकी अपग्रेडेशन से बदला सिस्टम
अस्पतालों में CPAP मशीन, कंगारू मदर केयर और मिल्क बैंक जैसी सुविधाओं ने नवजातों के इलाज को बेहतर बनाया है। नियमित टीकाकरण और मुफ्त दवाओं की उपलब्धता ने भी स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार किया है। यह बदलाव ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।
स्वच्छता और प्रशिक्षण का असर
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार अस्पतालों में स्वच्छता प्रोटोकॉल और नियमित प्रशिक्षण ने संक्रमण के मामलों को काफी हद तक कम किया है। स्वास्थ्य कर्मियों को वर्चुअल लर्निंग सेशन्स के जरिए लगातार अपडेट किया जा रहा है, जिससे आपात स्थितियों में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिल रही है। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों ने नवजात और शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिली है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है।