NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। 21 जून को होने वाले री-एग्जाम से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देशभर के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्यों के प्रतिनिधियों, NTA और उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य परीक्षा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और समन्वय तंत्र की समीक्षा करना था ताकि परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी बाधा के आयोजित की जा सके। बैठक में कुल 222 अधिकारियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर रहा विशेष फोकस
समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करना होगा। केंद्र सरकार चाहती है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत बना रहे।
राज्यों में विशेष अधिकारियों की तैनाती कर बनाए जाएंगे निगरानी तंत्र
बैठक में यह फैसला भी लिया गया कि शिक्षा मंत्रालय की ओर से नामित अधिकारी विभिन्न राज्यों में तैनात किए जाएंगे। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी और समन्वय करना होगी। सभी अधिकारी सीधे केंद्रीय कमांड सेंटर के संपर्क में रहेंगे, जिसकी निगरानी NTA के महानिदेशक के नेतृत्व में की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े किसी भी मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया देना और समन्वय बनाए रखना है।
अभ्यर्थियों को तनावमुक्त माहौल देने के लिए राज्यों को दिए गए विशेष निर्देश
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि परीक्षा देने वाले छात्रों को बेहतर और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों से कहा गया कि परीक्षा केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, आवश्यक सुविधाएं और उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। सरकार का मानना है कि परीक्षा के दौरान छात्रों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ना चाहिए और उन्हें पूरी तरह शांत एवं सकारात्मक माहौल मिलना चाहिए।
NTA, जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर कर रही हैं तैयारी
NTA ने बताया कि परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन, राज्य पुलिस, खुफिया एजेंसियों और स्थानीय समन्वय समितियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की निगरानी, लॉजिस्टिक व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रणाली को लेकर विस्तृत तैयारी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि हर स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को खत्म किया जा सके।
देशभर के विश्वविद्यालयों और संस्थानों ने भी दिया सहयोग का भरोसा
हाइब्रिड मोड में आयोजित इस बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा विश्वविद्यालयों के कुलपति, नोडल अधिकारी और उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रमुख भी शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने परीक्षा के सफल आयोजन के लिए पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। सरकार का लक्ष्य है कि NEET UG 2026 री-एग्जाम अभ्यर्थियों के लिए सुरक्षित, निष्पक्ष और परेशानी मुक्त अनुभव साबित हो तथा परीक्षा प्रणाली पर भरोसा और मजबूत हो।





