बिहार में हार…BMC चुनाव पर महा-विकास अघाड़ी में दरार?…सपा का बड़ा फैसला — महाराष्ट्र में अकेले लड़ेगी नगर निगम चुनाव, कांग्रेस पर तीखा हमला

municipal elections in Maharashtra fissures are deepening within the opposition alliance Maha Vikas Aghadi

बिहार में हार…BMC चुनाव पर महा-विकास अघाड़ी में दरार?…सपा का बड़ा फैसला — महाराष्ट्र में अकेले लड़ेगी नगर निगम चुनाव, कांग्रेस पर तीखा हमला

मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन महा-विकास अघाड़ी (MVA) के भीतर दरारें गहराती दिख रही हैं। समाजवादी पार्टी ने बुधवार को साफ कर दिया कि वह मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव अकेले लड़ेगी। यह घोषणा सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने मुंबई के इस्लाम जिमखाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होगी और 150 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब बिहार चुनाव में कांग्रेस और सपा के रिश्तों पर पहले से ही सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में महाराष्ट्र में सपा का अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान MVA के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

कांग्रेस पर सपा का सीधा हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अबू आजमी कांग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा “कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी सिर्फ लेना चाहती है, देना नहीं चाहती। पिछले चुनाव में भी कांग्रेस ने सपा के साथ विश्वासघात किया था। आजमी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में नामांकन की अंतिम तारीख तक कांग्रेस ने सपा को एक भी सीट नहीं दी, जबकि बाद में मजबूरी में दो सीटें दी गईं। उन्होंने कहा कि अब सपा अपने निर्णय खुद करेगी और इसके लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मंजूरी भी उन्हें मिल चुकी है।

मुंबई में 150 सीटों पर लड़ेगी सपा

सपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुंबई की सबसे चुनौतीपूर्ण महानगरपालिका में पार्टी पूरी ताकत से उतरेगी।

150 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी
जहां सपा की पकड़ मजबूत और जीतने की संभावना है, वहीं पर टिकट
20 नवंबर से 5 दिसंबर तक उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे
इसके बाद विस्तृत स्क्रूटिनी की प्रक्रिया शुरू होगी

उन्होंने कहा कि मुंबई के स्लम इलाकों में पानी, सफाई और बुनियादी सुविधाओं की हालत बेहद खराब है और इसी मुद्दे को लेकर सपा जनता के बीच जाएगी।

MVA की एकजुटता पर बड़ा सवाल
सपा के इस निर्णय के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या आगामी BMC चुनाव में विपक्ष एकजुट रह पाएगा? शिवसेना (UBT), कांग्रेस और NCP (शरद पवार गुट) पहले ही सीटों के बंटवारे पर सहमत नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में सपा का बाहर होना MVA की चुनावी रणनीति को कमजोर कर सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस–सपा के बीच बिहार चुनाव को लेकर नाराज़गी पहले से है। महाराष्ट्र में सीट शेयरिंग का फार्मूला तय नहीं हो पाया। सपा को लगता है कि MVA में उसे पर्याप्त सम्मान नहीं मिल रहा। इसलिए सपा ने अपने दम पर चुनाव लड़ने का रास्ता चुना।

प्रदेश सरकार पर भी साधा निशाना

अबू आसिम आजमी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार और नगर निगम प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा गोवंडी जैसे इलाकों की हालत बेहद खराब है। चार साल से चुनाव न होने के कारण BMC का सिस्टम चरमरा गया है। पूर्व नगरसेवकों को फंड नहीं दिया जा रहा। सरकार अपने सहयोगी दलों के नेताओं को प्राथमिकता दे रही है। सपा नेता ने कहा कि जनता बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार और नगर निगम में बैठे लोग अपने राजनीतिक हितों में उलझे हुए हैं।

क्या इसका असर 2025 चुनावी समीकरणों पर पड़ेगा?

सपा की राष्ट्रीय राजनीति और महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति दोनों पर इस फैसले का असर पड़ सकता है।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि सपा भविष्य में धर्मनिरपेक्ष दलों से समझौते की गुंजाइश खुली छोड़ रही है, लेकिन “सांप्रदायिक ताकतों से दूरी” की बात कहकर उसने अपने रुख का संकेत दे दिया है। मुंबई में होने जा रहे BMC चुनाव पहले ही बेहद हाईप्रोफाइल और राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जा रहे हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी द्वारा अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान न केवल विपक्षी गठबंधन में नई दरार पैदा करता है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए समीकरण की शुरुआत भी करता है। अब देखना यह है कि कांग्रेस और अन्य MVA घटक दल इस चुनौती का कैसे सामना करते हैं और क्या विपक्ष इस चुनाव से पहले अपनी एकजुटता को बचा पाएगा या नहीं।

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