मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत से पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ विधायक मौजूद रहे। बैठक में सदन की कार्यवाही और एजेंडे पर चर्चा की गई।
सत्र शुरू होने के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस के संकेत मिल गए हैं। कांग्रेस ने किसानों, समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का ऐलान किया है, जबकि सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) सहित अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के नाम पर सिर्फ राजनीति करती है और चुनाव आते ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े किसान संगठन सक्रिय हो जाते हैं। सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की मूंग की पूरी खरीदी नहीं की जा रही है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।
वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में UCC लाया जाएगा और इसे लागू करने का यही उपयुक्त समय है। उन्होंने संकेत दिए कि सरकार इस विषय पर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मानसून सत्र के पहले दिन ही स्पष्ट हो गया है कि सदन में किसानों के मुद्दे, कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और UCC जैसे विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिलेगी। सरकार जहां अपने कामकाज और नीतियों का पक्ष रखेगी, वहीं विपक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगा।