छिंदवाड़ा, मंदसौर और श्योपुर सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि राजधानी भोपाल में दिनभर धूप-छांव का दौर बना रहा। प्रदेश में 1 जून से अब तक औसतन 163.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 6 प्रतिशत कम है। हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से कहीं अधिक बारिश दर्ज की गई है। देवास में सामान्य से 132 प्रतिशत अधिक, इंदौर में 89 प्रतिशत और भोपाल में 56 प्रतिशत ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड हुई है।
छिंदवाड़ा-मंदसौर में झमाझम
तापमान में आएगी गिरावट
मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय
प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना
पूर्वी, मध्य और दक्षिण-पूर्वी जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट
गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी
मध्यप्रदेश में मानसून का जोर, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी
भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका असर प्रदेश के अधिकांश जिलों में साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार को मौसम विभाग ने पूर्वी, मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी है। प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है।
छिंदवाड़ा, मंदसौर और श्योपुर में अच्छी बारिश
रविवार को प्रदेश के कई इलाकों में मानसून मेहरबान रहा। छिंदवाड़ा, मंदसौर और श्योपुर सहित कई जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जबकि राजधानी भोपाल में दिनभर बादलों और धूप का सिलसिला जारी रहा। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
सामान्य से कम, लेकिन कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश
देवास में सामान्य से 132 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है, जबकि इंदौर में 89 प्रतिशत और भोपाल में 56 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में बारिश का वितरण असमान बना हुआ है।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार बालाघाट, डिंडौरी, मंडला, शहडोल, उमरिया, जबलपुर, कटनी, सिवनी, छिंदवाड़ा, सागर, दमोह, पन्ना, रायसेन, विदिशा, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। विभाग ने किसानों, यात्रियों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
नदियों का बढ़ने लगा जलस्तर
लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। उज्जैन की शिप्रा और दक्षिणी मध्यप्रदेश की ताप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही दौर जारी रहा तो निचले इलाकों में जलभराव और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बड़े शहरों में भी बारिश का दौर जारी
राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत अधिकांश शहरों में दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।
मौसम विभाग की लोगों से अपील
मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे नहीं रुकने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। अगले 24 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों के लिए संवेदनशील माने जा रहे हैं और प्रशासन भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।