सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने की मुहिम में जुटे सीएम डॉ.मोहन यादव…कहा— सामूहिक विवाह आयोजन देते हैं सामाजिक समरसता और मितव्यता का संदेश
खंडवा में 1158 जोड़ों का सामूहिक विवाह
सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंधाना विकासखंड में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में परिणय सूत्र में बंधे 1158 वर-वधुओं को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना’ के तहत हुए इस आयोजन में भोपाल स्थित समत्व भवन से वर्चुअली शामिल हुए। इस अवसर पर डॉ. यादव ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर एक साथ विवाह और निकाह का आयोजन सामाजिक समरसता और एकता का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने इसे “रिकॉर्ड बनने जैसा” बताया और कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन न केवल आर्थिक अपव्यय को रोकते हैं, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देते हैं।
पंधाना खण्डवा में सामूहिक विवाह समारोह
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव वर्चुअली हुए शामिल
मुख्यमंत्री कन्या विवाह और निकाह योजना
1158 वर-वधु परिणय सूत्र में बंधे,सीएम ने दिया आशीर्वाद
समारोह में कुल 1137 विवाह और 21 निकाह संपन्न हुए
यह आयोजन खंडवा की कृषि उपज मंडी पंधाना में किया गया था
मुख्यमंत्री ने इसे “अपने आप में एक रिकॉर्ड” बताया।
पंधाना के कृषि उपज मंडी परिसर में हुए इस समारोह में 1137 हिंदू जोड़ों का विवाह और 21 मुस्लिम जोड़ों का निकाह संपन्न हुआ। कार्यक्रम में राज्य के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “विवाह हमारे 16 संस्कारों में एक प्रमुख संस्कार है। बहू को बेटी के समान सम्मान और प्रेम देना चाहिए और बहू को भी अपने सास-ससुर को माता-पिता मानकर कुटुंब परंपरा का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 51 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिसमें से 49 हजार रुपये सीधे उनके खातों में जमा किए जा रहे हैं। डॉ. यादव ने नव-दंपतियों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने और अपने जीवन स्तर को सुधारने का आह्वान किया।
सीएम मोहन यादव के संबोधन की प्रमुख बातें
“एक साथ इतने जोड़ों का विवाह अपव्यय पर रोक और सामाजिक एकता का प्रतीक है।”
“विवाह 16 संस्कारों में एक प्रमुख संस्कार है, इसे सम्मान और प्रेम से निभाया जाए।”
“परिवार में बहू को बेटी की तरह सम्मान और बेटी को सास-ससुर को माता-पिता समझना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने खंडवा की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि मां नर्मदा की गोद में बसे ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग, दादाजी धूनीवाले, प्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. किशोर कुमार, साहित्यकार माखनलाल चतुर्वेदी और जननायक टंट्या मामा ने इस भूमि को विशेष गौरव प्रदान किया है। डॉ. यादव ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।
सरकार की ओर से आर्थिक सहायता
प्रत्येक जोड़े को ₹51,000 की सहायता राशि प्रदान की गई।
इसमें से ₹49,000 सीधे खाते में ट्रांसफर किए गए।
कार्यक्रम में ये रहे विशेष
आयोजन में सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने खंडवा के दादाजी धूनीवाले, किशोर कुमार, माखनलाल चतुर्वेदी और टंट्या मामा का उल्लेख कर जिले की सांस्कृतिक पहचान को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई भी दी।-…(प्रकाश कुमार पांडेय)





