मोदी-योगी का मेगा गिफ्ट: जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरेगा यूपी का विकास
उत्तर प्रदेश एक बार फिर देश के इंफ्रास्ट्रक्चर मानचित्र पर बड़ी छलांग लगाने को तैयार है। नोएडा के पास बन रहा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब उद्घाटन के करीब है और 28 मार्च को इसका लोकार्पण होने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद तैयारियों का जायजा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया है। इसे डबल इंजन सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है।
- 28 मार्च को संभावित उद्घाटन
- देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
- यूपी में बढ़ी एयर कनेक्टिविटी
- विदेशी निवेशकों का बढ़ता भरोसा
- एक्सप्रेसवे नेटवर्क में यूपी अव्वल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए गेमचेंजर साबित होगा। यह देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने जा रहा है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा। सरकार का अनुमान है कि इससे आने वाले समय में राज्य को एक लाख करोड़ रुपये तक की आय हो सकती है। लखनऊ में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का विस्तृत ब्यौरा भी दिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश अब “इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश” के रूप में उभर चुका है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, सात शहरों में मेट्रो सेवा, और मेरठ से दिल्ली के बीच चल रही देश की पहली रैपिड रेल—ये सभी बदलाव यूपी की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।
एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी यूपी तेजी से आगे बढ़ा है। इस समय प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं। जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यह संख्या और प्रभाव दोनों बढ़ जाएंगे। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार और निवेश को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में उनकी सिंगापुर और जापान यात्रा, तथा उपमुख्यमंत्री और आईटी मंत्री की जर्मनी यात्रा के दौरान वैश्विक निवेशकों ने यूपी में गहरी रुचि दिखाई है। विदेशी निवेशक यूपी को “जीरो टॉलरेंस और जीरो करप्शन” नीति वाला सुरक्षित निवेश गंतव्य मान रहे हैं। यही वजह है कि अब प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव आ रहे हैं। सरकार के मुताबिक, अब तक करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है, जबकि 6 लाख करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्ताव तैयार हैं। प्रदेश के हर जिले में निवेश पहुंचाने की योजना पर काम हो रहा है, जिसके लिए लैंड बैंक और 34 सेक्टोरल पॉलिसीज जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर एक्सप्रेसवे नेटवर्क भी यूपी की ताकत बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के 55 फीसदी एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं और गंगा एक्सप्रेसवे का काम इसी महीने पूरा होने वाला है। इसके बाद यह आंकड़ा 60 फीसदी तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही प्रदेश में फोरलेन और टू-लेन सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे हर जिला मुख्यालय बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। जेवर एयरपोर्ट को सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि आर्थिक और औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके आसपास लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास की भी योजना हैं जिससे लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
कुल मिलाकर, जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल का प्रतीक बनने जा रहा है। यह परियोजना दिखाती है कि कैसे मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और योजनाबद्ध विकास के जरिए एक राज्य अपनी आर्थिक दिशा बदल सकता है।





