Amit Shah Lok Sabha speech: लोकसभा में टकराव के बीच सियासी संदेश: पीएम मोदी ने शाह की तारीफ की, स्पीकर पर अविश्वास प्रस्ताव खारिज

प्रधानमंत्री ने अमित शाह के भाषण को बताया तथ्यों से भरपूर और संसदीय परंपराओं का मजबूत समर्थन
लोकसभा में हालिया घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह के भाषण की खुलकर सराहना की। पीएम ने सोशल मीडिया पर कहा कि शाह का संबोधन तथ्यों पर आधारित था और उसमें संसदीय परंपराओं के महत्व के साथ राष्ट्रीय विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत को रेखांकित किया गया। यह बयान ऐसे समय आया जब सदन में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तीखी बहस हुई थी।

अमित शाह ने स्पीकर के पद को पूरी सदन की जिम्मेदारी बताते हुए विपक्ष के प्रस्ताव पर कड़ा रुख अपनाया
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष किसी एक दल के नहीं बल्कि पूरे सदन के प्रतिनिधि होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्पीकर का दायित्व सभी सांसदों के अधिकारों की रक्षा करना और सदन की गरिमा बनाए रखना है। शाह ने अविश्वास प्रस्ताव को संसदीय राजनीति के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि करीब चार दशक बाद ऐसा प्रस्ताव सामने आया है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए शाह ने बहस के दौरान उठाए गए मुद्दों पर सवाल खड़े किए
शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं ने बहस के दौरान प्रस्ताव से अधिक सरकार पर हमला करने पर ध्यान दिया। उनके मुताबिक विपक्ष के लगभग 80 प्रतिशत भाषण प्रस्ताव से संबंधित नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता को बोलने का अवसर मिलने के बावजूद उन्होंने चर्चा में हिस्सा नहीं लिया और बाद में बाहर जाकर शिकायत की।

संसदीय नियमों और अनुशासन पर जोर देते हुए गृह मंत्री ने स्पीकर की भूमिका को बताया अहम
गृह मंत्री ने कहा कि संसद की कार्यवाही तय नियमों के अनुसार चलती है और किसी को भी मनमाने तरीके से बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि लोकसभा के नियम 374 और 380 के तहत स्पीकर को अव्यवस्था की स्थिति में कार्रवाई करने और आपत्तिजनक टिप्पणियों को हटाने का अधिकार है। शाह ने यह भी कहा कि उनके 30 वर्षों के राजनीतिक अनुभव में उन्होंने ऐसा स्पीकर नहीं देखा जिसने सदस्यों को आधी रात तक शून्यकाल के मुद्दे उठाने की अनुमति दी हो।

बहस के बाद ध्वनिमत से प्रस्ताव खारिज और सदन में गरिमा बनाए रखने की अपील
अमित शाह ने सदस्यों से अपील की कि वे स्पीकर के पद की गरिमा बनाए रखें और प्रस्ताव को खारिज करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रस्ताव लाना अलग बात है, लेकिन सदन के संरक्षक को हटाने का प्रस्ताव साहस नहीं माना जाना चाहिए। बहस के बाद लोकसभा ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिससे सियासी माहौल में नई बहस शुरू हो गई है।

Exit mobile version