प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में जल्द बड़ा फेरबदल होने की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल में बदलाव की घोषणा हो सकती है। इस बार सरकार का फोकस युवा नेतृत्व को आगे लाने और सहयोगी दलों के नेताओं को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व देने पर रहेगा।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार कैबिनेट की औसत उम्र कम करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत 65 वर्ष से अधिक आयु वाले कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है। हालांकि प्रधानमंत्री पद पर यह नियम लागू नहीं होगा। साथ ही पिछले दो फेरबदल से लगातार मंत्री बने चेहरों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
चर्चा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है। निर्मला सीतारमण को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है, जबकि हरदीप सिंह पुरी के मामले में उम्र प्रमुख कारण मानी जा रही है।
वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर भी अटकलें हैं कि उनके मंत्रालय में बदलाव हो सकता है। हालांकि उनके मंत्रिमंडल से बाहर होने की संभावना कम बताई जा रही है। उन्हें किसी दूसरे मंत्रालय की जिम्मेदारी मिल सकती है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि भाजपा उन नेताओं को भी कैबिनेट में जगह देने पर विचार कर रही है, जो हाल के समय में अन्य दलों से एनडीए के साथ जुड़े हैं। पंजाब, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से जुड़े कुछ नेताओं के नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं।
फिलहाल इन बदलावों को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।