आज से यूपी में मानसून का मेगा रिटर्न… जानें कब और कहां होगी झमाझम बारिश
उत्तर प्रदेश में मॉनसून एक बार फिर नई ऊर्जा के साथ दस्तक देने को तैयार है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 15 जुलाई से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ जाएंगी। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र का प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा। 13 और 14 जुलाई को बारिश में थोड़ी सुस्ती जरूर देखी गई, लेकिन अब आसमान फिर मेहरबान होने वाला है।
बंगाल की खाड़ी से उठा नया सिस्टम
यूपी में मचाएगा बारिश का धमाल
इस बदलाव की शुरुआत 14 जुलाई की रात से ही हो सकती है जब पूर्वी हिस्सों में रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इससे पहले मानसूनी ट्रफ थोड़ा दक्षिण की ओर खिसकने के कारण वर्षा की तीव्रता में गिरावट आई थी। लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो रही हैं और अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रहेगा।
पूरे प्रदेश में होगी हल्की से मध्यम बारिश
कहीं-कहीं भारी गिरावट की चेतावनी
मौसम विभाग ने साफ किया है कि 15 जुलाई से यूपी के लगभग सभी जिलों में वर्षा की संभावना बन रही है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। खासकर गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, बनारस, देवरिया और कुशीनगर जैसे जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अगले 3 से 5 दिनों तक बनी रह सकती है। दिन के तापमान में गिरावट आएगी और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बादल छाए रहेंगे और बूँदाबाँदी की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने शहरी प्रशासन को जलभराव से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने की सलाह दी है।
किसानों के लिए राहत की खबर
खरीफ की फसलों को मिलेगा संजीवनी बूटी जैसा लाभ
बारिश की इस नई खेप से उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। कई जिलों में अब तक अपेक्षित बारिश नहीं हुई थी, जिससे धान और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही थी। लेकिन अब लगातार बारिश की संभावना के चलते खेतों में नमी बनी रहेगी और बीज अंकुरण में तेजी आएगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि 15 जुलाई से 20 जुलाई तक अच्छी बारिश हो जाती है, तो यह धान की फसल के लिए बेहद अनुकूल सिद्ध होगी। वहीं, मक्का, उड़द और मूंग जैसी फसलों की बुआई में भी गति आएगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जलभराव से बचाव के उपाय करें और बारिश के बाद निंदाई-गुड़ाई जैसी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करें।
शहरी क्षेत्रों में जलभराव का खतरा, प्रशासन को किया गया अलर्ट
जहां एक ओर बारिश किसानों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आएगी, वहीं शहरी क्षेत्रों में इससे समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गाजियाबाद जैसे शहरों में बारिश के साथ जलभराव की आशंका जताई गई है। नगर निगमों और जल निकासी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि भारी वर्षा की स्थिति में सड़कों पर जलजमाव न हो। वर्षा के दौरान आवागमन बाधित हो सकता है और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। आमजन को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट्स पर नजर रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
अगले 5 दिन यूपी के लिए अहम
मानसून देगा जोरदार दस्तक
मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 5 दिन उत्तर प्रदेश में बारिश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होंगे। बंगाल की खाड़ी से उठा निम्न दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे पूरे उत्तर भारत पर असर डालेगा, जिससे यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। 15 से 20 जुलाई तक कई जिलों में औसत से अधिक वर्षा की संभावना है। यह न सिर्फ मौसम को सुहाना बनाएगी, बल्कि जलस्तर को बढ़ाकर पीने के पानी और सिंचाई की समस्याओं में भी कमी लाएगी। जलाशयों और नदियों के जलस्तर में वृद्धि होगी, जो आगामी महीनों के लिए लाभदायक रहेगा। उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी लोगों के लिए एक बार फिर राहत और सावधानी का संदेश लेकर आ रही है। जहां किसानों के चेहरों पर उम्मीद की रौशनी है, वहीं शहरी प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। 15 जुलाई से शुरू होने वाला यह बारिश का सिलसिला अगले कई दिनों तक चलेगा, जिससे प्रदेश का मौसम फिर से भीग उठेगा।…( प्रकाश कुमार पांडेय)





