दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में लगातार हो रही छंटनी के बीच Meta की एक पूर्व कर्मचारी की भावुक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में महिला कर्मचारी ने दावा किया कि कंपनी में आठ साल तक लगातार शानदार प्रदर्शन करने, प्रमोशन पाने और वरिष्ठ अधिकारियों से सराहना मिलने के बावजूद आखिर में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। अब इस पूरे मामले ने कॉर्पोरेट कल्चर, कर्मचारियों की सुरक्षा और टेक इंडस्ट्री में बढ़ती ले-ऑफ संस्कृति को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
लगातार शानदार परफॉर्मेंस देने के बाद भी नौकरी जाने से कर्मचारी ने जताई नाराजगी
वायरल पोस्ट में पूर्व कर्मचारी ने बताया कि Meta में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें कई बार “Exceeds” और “Greatly Exceeds” जैसी हाई परफॉर्मेंस रेटिंग मिली थी। इतना ही नहीं, उन्हें प्रमोशन भी मिले और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके काम की तारीफ भी की थी। कर्मचारी का कहना है कि वह हमेशा यह मानती थीं कि जो लोग अच्छा काम करते हैं, उनकी नौकरी सुरक्षित रहती है।
उन्होंने लिखा कि पहले वह कंपनी की PIP और ले-ऑफ नीति का समर्थन करती थीं, क्योंकि उन्हें लगता था कि केवल कमजोर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को ही बाहर किया जाता है। लेकिन बाद में जब खुद उनके साथ ऐसा हुआ तो उनकी सोच पूरी तरह बदल गई।
स्वास्थ्य समस्याओं और मेडिकल लीव के बाद अचानक बदल गया पूरा माहौल
पूर्व कर्मचारी के अनुसार उनकी जिंदगी में मुश्किलें तब शुरू हुईं जब उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। सर्जरी और मेडिकल लीव के कारण उन्हें कुछ समय के लिए काम से दूर रहना पड़ा। इसी दौरान कंपनी ने उनकी जिम्मेदारियां संभालने के लिए दूसरे कर्मचारी को नियुक्त किया।
महिला का दावा है कि मेडिकल लीव पर रहने के बावजूद उन्होंने अस्पताल से कॉल लेकर टीम की मदद की और कई जरूरी मामलों को संभाला। लेकिन बाद में कंपनी ने उन्हें ही बाहर का रास्ता दिखा दिया। यही बात उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ देने वाली लगी।
“जिसे मेरी जगह लाया गया, वह आज भी मुझ पर निर्भर है” — पोस्ट का यह हिस्सा हुआ वायरल
पोस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा उस हिस्से की हो रही है, जिसमें पूर्व कर्मचारी ने लिखा कि उनकी जगह लाया गया नया कर्मचारी आज भी काम के लिए उन्हीं पर निर्भर है। उन्होंने दावा किया कि ले-ऑफ के बाद भी नया कर्मचारी उनसे संपर्क कर मदद मांगता रहा।
महिला ने लिखा कि “जिस व्यक्ति को मेरी जगह रखा गया, वह खुद काम संभालने में संघर्ष कर रहा है। अस्पताल में रहने के दौरान भी मैं कॉल लेकर टीम की मदद करती रही। लेकिन किसी ने यह तय कर लिया कि अब मेरी जरूरत नहीं है।” इस बयान ने सोशल मीडिया पर हजारों लोगों का ध्यान खींचा।
“मैं सिर्फ Excel शीट का एक नंबर बनकर रह गई” बयान ने छेड़ी भावनात्मक बहस
पोस्ट का सबसे भावुक हिस्सा वह था, जब कर्मचारी ने लिखा — “मैं सिर्फ Susan Li की Excel शीट का एक नंबर बनकर रह गई हूं, इंसान नहीं।” इस लाइन ने इंटरनेट पर बड़ी बहस छेड़ दी। कई लोगों ने इसे आधुनिक कॉर्पोरेट दुनिया की कठोर सच्चाई बताया।
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने कर्मचारी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी। लोगों का कहना है कि बड़ी कंपनियां कर्मचारियों को केवल डेटा और प्रोडक्टिविटी के नजरिए से देखने लगी हैं, जबकि उनके व्यक्तिगत संघर्षों और योगदान को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
टेक इंडस्ट्री में लगातार हो रही छंटनी ने कर्मचारियों के भविष्य को लेकर बढ़ाई चिंता
Meta समेत कई बड़ी टेक कंपनियों में पिछले कुछ समय से बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही है। लागत कम करने और नए बिजनेस मॉडल अपनाने के चलते हजारों कर्मचारियों को नौकरी गंवानी पड़ी है। ऐसे माहौल में यह वायरल पोस्ट टेक सेक्टर में काम कर रहे लोगों की चिंता और असुरक्षा को भी सामने लाती है।
हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि कॉर्पोरेट कंपनियों में फैसले बिजनेस जरूरतों के हिसाब से लिए जाते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में यूजर्स इस मामले को कर्मचारियों के मानसिक और भावनात्मक पक्ष से भी जोड़कर देख रहे हैं।





