बेमौसम बारिश-ओलों से फसलें चौपट…33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेकर जनजीवन और खासकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार रात से शुरू हुई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने प्रदेश के कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कई इलाकों में ओले गिरने… बिजली चमकने …की चेतावनी दी है।प्रदेश की राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और रतलाम समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के कारण प्रदेश का मौसम अचानक बदल गया। पिछले 24 घंटों में अधिकांश हिस्सों में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि देखी गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और मौसम ठंडा हो गया।
शुक्रवार सुबह तक भी कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के लिए यह राहत परेशानी में बदल गई। खेतों में खड़ी गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों की फसलें इस बेमौसम बारिश और ओलों की मार से प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 42 जिलों के 112 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और जबलपुर जैसे बड़े शहर भी इस बदलाव की चपेट में रहे। सबसे ज्यादा बारिश धार जिले के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में करीब पौन इंच दर्ज की गई। इसके अलावा बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, भोपाल और दमोह समेत कई स्थानों पर आधा इंच या उससे अधिक वर्षा हुई।
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि करीब 12 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई है। आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी और छतरपुर में ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन ओलों और तेज हवा ने फसल गिरा दी, जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा।
तेज आंधी ने भी कई इलाकों में तबाही मचाई। आगर-मालवा में सबसे तेज 74 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि सीहोर में 54 किमी, बड़वानी और नरसिंहपुर में 46 किमी तथा आलीराजपुर में 43 किमी प्रति घंटा की रफ्तार दर्ज की गई। भोपाल, सागर, इंदौर और जबलपुर समेत कई शहरों में 35 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें भी सामने आईं।
राजधानी भोपाल में आधी रात के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। पहले ठंडी हवाएं चलीं, फिर गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई और रात करीब 1:10 बजे तेज बारिश होने लगी। इस बदलाव से जहां लोगों को दिन की तेज गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मार्च के महीने में इस तरह के बदलाव आम होते हैं, लेकिन इस बार इसका प्रभाव अधिक व्यापक और तीव्र देखा जा रहा है। दिन में तापमान बढ़ने और रात में नमी बढ़ने से इस तरह की परिस्थितियां बनती हैं, जिससे आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बढ़ जाती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। कई जिलों में फिर से आंधी, बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है और किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। वहीं, आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, बिजली गिरने की आशंका के समय खुले स्थानों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जहां एक ओर गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए संकट बन गया है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे कृषि उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख कैसा रहेगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है





