पीएम मोदी ने मन की बात में बताया अंगदान का महत्व

Mann Ki Baat PM Modi

देश के शीर्ष नेतृत्व को जन सामान्य से जुड़ना जरूरी है। भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में लोगों से संवाद करना। जन कल्याण के मुद्दों पर विचार रखना और आमजन की राय लेना आसान काम नहीं था। प्रधानमंत्री मोदी ने नियमित जनसंवाद कर इसकी एक सकारात्मक शुरुआत की। जिसे मन की बात नाम दिया गया। साल 2014 में स्वच्छ भारत अभियान के विषय पर पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात के जरिए जनसंवाद किया। उन्होंने स्वच्छता का सन्देश देते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया। लोगों से अपने विचार साझा किये जिन्हें लोगों ने सुना और अपना समर्थन भी दिया। मन की बात के जरिये स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने में प्रधानमंत्री बहुत हद तक सफल भी रहे जिसका असर हमारे परिवेश में भी दिखाई दे रहा है।

पीएम के रेडियो प्रोग्राम मन की बात देश भर के लोग गौर से सुनते हैं। रेडियो व टेलीविजन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों तक लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बताई गई व जीवन में प्रेरित कर अच्छे मार्ग के लिए रोशनी डालने वाले विचारों को सुनते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर माह के आखिरी रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात में देशण्दुनिया से जुड़ी कई बातों को देशवासियों के साथ शेयर करते हैं। देश के युवाओं के लिए पीएम मोदी की प्रेरणादायी विचार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के प्रत्येक नागरिक से जुड़ने के लिए मन की बात जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम को लाखों करोड़ों लोगए युवा देखते है और प्रेरित होते है। इन कार्यक्रमों से हर बार लाखों लोगों का जुड़ाव होता है और देश की प्रगति में योगदान देने के लिए नया मार्ग भी मिलता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मन की बात कार्यक्रम प्रत्येक व्यक्ति के मन को छू लेने वाला है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम से लोगों को प्रेरणा मिल रही है। पीएम के मार्गदर्शन में लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैए लोगों को आनलाइन सुविधाएं मिल रही है

मन की बात एक सामाजिक चेतना का माध्यम

पीएम के रेडियो प्रोग्राम मन की बात देश भर के लोग गौर से सुनते हैं। रेडियो व टेलीविजन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों तक लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बताई गई व जीवन में प्रेरित कर अच्छे मार्ग के लिए रोशनी डालने वाले विचारों को सुनते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पदभार सँभालने के बाद से ही जनमानस से जुड़ाव की कई सकारात्मक कोशिशें की हैं। मन की बात कार्यक्रम में आमजन से संवाद करनाए ऐसा ही एक प्रभावी कदम रहा। प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम न केवल लोकप्रिय बना बल्कि आमजन को जागरूक करने में भी अहम् भूमिका निभाई। इस मासिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने वाकई मन की बात की जिसका सीधा प्रसारण रेडियोए दूरदर्शन और सभी एफएम चेनल करते हैं। आमजन से जुड़े कई मुद्दों पर देश की जनता से संवाद करते हैं।

99वें एपिसोड में की अंगदान की बात

पीएम नरेन्द्र मोदी ने रविवार 26 मार्च 2023 को देश की जनता से मन की बात की। इस 99वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा देश की जनता का स्वागत किया और कहा चर्चा को शुरू करते हुए मनमस्तिष्क में न जाने कितने ही भाव उमड़ रहे हैं।ष्मन की बात का ये एपीसोड अब वक्त के साथ अपने 99वें पायदान तक आ पहुंचा है। इस दौरान पीएम ने महज 39 दिन की उम्र में जान गंवाने वाली बच्ची के माता पिता से पीएम मोदी ने मन की बात की। उन्होंने बच्ची के अंग दान करने का फैसला किया। हमारे देश में दान को इतना ऊंचा स्थान दिया गया है कि लोग दूसरों की खुशी के लिए अपना सर्वस्व दान करने से नहीं हिचकिचाते। इसलिए हमें बचपन से ही शिव और दधीचि जैसे शरीर दाताओं की कहानियां सुनाई जाती हैं। पहले अंगदान के मामले 5 हजार से भी कम थे जो आज 15 हजार से ज्यादा हैं आज के आधुनिक युग में अंगदान किसी को नया जीवन देने का एक अहम जरिया है। मरने के बाद जब कोई व्यक्ति शरीर दान करता है तो माना जाता है कि 8 से 9 लोगों को नया जीवन मिल सकता है। हमारे देश में भी आज अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है जो वाकई बहुत अच्छी बात है। बता दें साल 2013 में भारत में अंगदान के 5 हजार से भी कम मामले थे, क्योंकि जागरुकता कम थी। साल 2022 में जागरुकता के चलते संख्या बढ़कर 15 हजार से ज्यादा हो गई है।  प्रधानमंत्री ने महिला शक्ति की सराहना की। और कहा कि आज भारत की क्षमता नए जोश के साथ उभर रही है। इसमें हमारी नारी शक्ति का बहुत बड़ा योगदान है। इस बीचए प्रधानमंत्री ने डॉक्यूमेंट्री के लिए एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव और ऑस्कर विजेता निर्माता गुनीत मोंगा और निर्देशक कार्तिकी गोंजाल्विस का भी जिक्र किया।

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