CJI की फटकार के बाद बैकफुट पर ममता सरकार!

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) ने पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर हुए हमले के मामले में सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को सुनवाई के दौरान सीजेआई ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि “आपके राज्य का हर अधिकारी राजनीतिक भाषा बोलता है।” इस मामले की सुनवाई जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचौली की बेंच कर रही है। दरअसल, बुधवार दोपहर प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर (Special Intensive Revision) का काम कर रहे सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया था, जिनमें तीन महिला अधिकारी भी शामिल थीं। ये अधिकारी फाइनल वोटर लिस्ट से बाहर किए गए करीब 50 लाख लोगों के दावों और आपत्तियों की जांच कर रहे थे। घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई। सीजेआई सूर्यकांत ने पश्चिम बंगाल के एडवोकेट जनरल से कहा कि राज्य के अधिकारी निष्पक्ष भाषा के बजाय राजनीतिक बयान दे रहे हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि रात 11 बजे तक कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंचे, जिसके चलते न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए कोर्ट को मौखिक रूप से सख्त निर्देश देने पड़े। चुनाव आयोग ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे अस्वीकार्य बताया। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और मामले पर नजर बनाए रखी है।

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