जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष कमांडर जाकिर गनई को मार गिराया है। चार दिन तक चले आतंकवाद विरोधी अभियान के बाद बुधवार को चानपोरा इलाके से जाकिर गनई का शव हथियारों के साथ बरामद किया गया। सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं और दूसरे आतंकी की तलाश भी जारी है।
चार दिन तक चले ऑपरेशन के बाद बरामद हुआ शव, इलाके में सर्च अभियान जारी
अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ में घिरे दोनों आतंकवादियों की पहचान जाकिर गनई और लतीफ के रूप में हुई है। दोनों दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के निवासी बताए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक जाकिर गनई वर्ष 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था, जबकि लतीफ ने पिछले वर्ष इस आतंकी संगठन की सदस्यता ली थी।
सेना पर फायरिंग के बाद शुरू हुई मुठभेड़
यह ऑपरेशन उस समय शुरू हुआ जब आतंकवादियों ने तलाशी अभियान के दौरान सेना की एक टीम पर अचानक गोलीबारी कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा संभाला और दोनों ओर से भारी गोलीबारी शुरू हो गई। मुठभेड़ के दौरान दोनों आतंकी एक घने सेब के बाग में छिप गए, जिसके बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई।
CCTV फुटेज से मिला था पहला सुराग
शनिवार को इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में दो संदिग्ध आतंकवादी दिखाई दिए थे। इसी इनपुट के आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने संयुक्त अभियान शुरू किया। लगातार निगरानी और तलाशी अभियान के बाद चार दिन बाद चानपोरा गांव से एक आतंकी का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान जाकिर गनई के रूप में हुई।
घने बाग में चला लंबा ऑपरेशन
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान आतंकवादी घने बाग और झाड़ियों का फायदा उठाकर लगातार छिपने की कोशिश करते रहे। रविवार को भी रातभर अभियान रोकने के बाद सुबह दोबारा तलाशी अभियान शुरू किया गया। पूरे इलाके को चारों ओर से घेरकर ड्रोन, निगरानी उपकरणों और विशेष बलों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
इलाके में हाई अलर्ट
जाकिर गनई के मारे जाने के बाद भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। आशंका है कि क्षेत्र में अन्य आतंकवादी भी छिपे हो सकते हैं। इसी वजह से शोपियां और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी है तथा अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि घाटी में आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। जाकिर गनई का मारा जाना दक्षिण कश्मीर में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।





