हेडर: कहीं झमाझम बारिश, कहीं बिजली-तूफान; 21 अगस्त तक मौसम रहेगा सक्रिय
नई दिल्ली/भोपाल। अगस्त के तीसरे सप्ताह में मानसून ने एक बार फिर देश के बड़े हिस्से में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। रविवार 16 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है, जबकि पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है।
मानसून की सक्रियता का असर केवल एक-दो राज्यों तक सीमित नहीं है। मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत और पूर्वी भारत तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई राज्यों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है और स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। ऐसे में रविवार को लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून
मध्य प्रदेश में 16 अगस्त को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है। प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ जिलों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। खासतौर पर छत्तीसगढ़ से सटे पूर्वी हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है।
भोपाल समेत प्रदेश के कई शहरों में दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने के आसार हैं। राजधानी भोपाल में बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में सड़कों पर यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है।
मध्य प्रदेश के ग्रामीण और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश की स्थिति में छोटे नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के आसार
उत्तर प्रदेश में भी रविवार को मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। कई इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना भी है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा प्रभावी रह सकती हैं। लगातार बारिश होने पर शहरी क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक और बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। किसानों के लिए बारिश जहां राहत लेकर आ सकती है, वहीं अत्यधिक बारिश फसलों के लिए नुकसान का कारण भी बन सकती है।
उत्तराखंड और हिमाचल में बढ़ा खतरा
पहाड़ी राज्यों में मौसम को लेकर सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश होने पर भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है।
उत्तराखंड में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। तेज बारिश के दौरान नदी और नालों के किनारे जाना जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन की ओर से किसी मार्ग को बंद करने या यात्रा रोकने की सलाह दी जाए तो उसका पालन करना जरूरी होगा।
बिहार-झारखंड में गरज-चमक के साथ बारिश
बिहार और झारखंड में भी मानसून की सक्रियता बनी हुई है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम का यह मिजाज आकाशीय बिजली के खतरे को भी बढ़ाता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि बिजली चमकने के दौरान लोग खुले मैदान, खेत, पेड़, बिजली के खंभे और अन्य ऊंची संरचनाओं के नीचे खड़े न हों। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में भी बारिश
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसून सक्रिय है। ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं छत्तीसगढ़ से लगे मध्य प्रदेश के इलाकों में भी मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है।
इन क्षेत्रों में कहीं हल्की से मध्यम तो कहीं तेज बारिश देखने को मिल सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में स्थानीय नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर भी असर पड़ सकता है।
दिल्ली-NCR में बादल और बारिश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रविवार को बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हवा की गति करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
बारिश के दौरान दिल्ली-NCR में ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने पर लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
राजस्थान में भी बदलेगा मौसम
राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मानसून की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि प्रदेश के हर हिस्से में बारिश की तीव्रता समान नहीं रहेगी। कुछ क्षेत्रों में बादल छाने के साथ बारिश हो सकती है, जबकि अन्य इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है।
21 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम का सबसे बड़ा संकेत यह है कि 16 अगस्त के बाद भी बारिश से तत्काल राहत के आसार कम हैं। 15 से 21 अगस्त के बीच देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। मानसून की सक्रियता के चलते अलग-अलग राज्यों में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश के दौर बन सकते हैं।
यानी आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह स्थिर होने की संभावना नहीं है। एक तरफ बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ रही है, तो दूसरी तरफ अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन जैसी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं।
बारिश में ये सावधानियां जरूरी
भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना सबसे सुरक्षित विकल्प है। बिजली चमकने पर खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान संवेदनशील रास्तों पर जाने से बचें। नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में सेल्फी या फोटो लेने के लिए जोखिम न उठाएं।
कुल मिलाकर 16 अगस्त का दिन मानसून के लिहाज से बेहद सक्रिय रहने वाला है। मध्य प्रदेश से लेकर उत्तर भारत और पूर्वी राज्यों तक बारिश का असर दिखाई देगा, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा चिंता बढ़ा रहा है। अगले कुछ दिनों तक मौसम की निगरानी और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना बेहद जरूरी होगा।





