बंगाल चुनावी हिंसा में बड़ा हत्याकांड, शुभेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या…कौन थे चंद्रनाथ रथ?

बंगाल चुनावी हिंसा में बड़ा हत्याकांड, शुभेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या

भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम विवाद से चर्चा में आए थे चंद्रनाथ

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद जारी राजनीतिक हिंसा के बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में देर रात बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद राज्य की राजनीति में नया बवाल खड़ा हो गया है।

हमलावर पहले से कर रहे थे पीछा

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावर काफी देर से चंद्रनाथ रथ का पीछा कर रहे थे। वारदात के बाद घटनास्थल से कई कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद हुई हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले को राजनीतिक रंजिश से जोड़कर भी जांच कर रही है।

कौन थे चंद्रनाथ रथ?

42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ पूर्वी मिदनापुर जिले के चांदीपुर के रहने वाले थे और भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी रह चुके थे। उन्होंने साल 2019 में शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक के रूप में काम शुरू किया था। उस समय शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों में चंद्रनाथ की अहम भूमिका मानी जाती थी।

भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर किया था विरोध

मतगणना से तीन दिन पहले 30 अप्रैल को भवानीपुर स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर चंद्रनाथ रथ उस समय सुर्खियों में आए थे, जब ममता बनर्जी के वहां पहुंचने के बाद उन्होंने बीजेपी समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया था। शुभेंदु अधिकारी की गैरमौजूदगी में चंद्रनाथ ही प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे।

उन्होंने आरोप लगाया था कि स्ट्रॉन्ग रूम के पास टीएमसी का प्रचार वाहन खड़ा किया गया था, जिसे लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से तीखी बहस भी हुई थी। बाद में पुलिस और सीआरपीएफ के हस्तक्षेप के बाद वाहन हटाया गया था।

पड़ोसियों ने जताया दुख, साजिश का आरोप

चंद्रनाथ रथ की हत्या से उनके गांव और इलाके में शोक का माहौल है। पड़ोसियों ने उन्हें मिलनसार और मददगार व्यक्ति बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हत्या राजनीतिक दुश्मनी का नतीजा हो सकती है।

एक पड़ोसी ने कहा कि चंद्रनाथ हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे रहते थे और किसी ने नहीं सोचा था कि उनका अंत इस तरह होगा। वहीं परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि टीवी पर हत्या की खबर देखकर पूरा परिवार सदमे में आ गया।

बंगाल की राजनीति में बढ़ा तनाव

घटना के बाद बीजेपी ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि टीएमसी ने भी हत्या की निंदा करते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। मामले ने चुनाव बाद बंगाल में बढ़ती हिंसा और राजनीतिक टकराव को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

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