बंगाल में महासंकट: क्या कांग्रेस में होगा TMC का विलय? सोनिया गांधी ने ममता को दिया ये ‘सुपर ऑफर’

Major crisis in Bengal

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने सबसे बड़े सियासी संकट से जूझ रही है। एक तरफ जहां पार्टी के भीतर विधायकों और सांसदों की बगावत ने ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं दूसरी तरफ देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस ने दीदी को लाइफलाइन ऑफर दिया है सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस की सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी ने खुद ममता बनर्जी को फोन कर टीएमसी का कांग्रेस में विलय (Merger) करने का एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रस्ताव दिया है।

ऑफर में क्या है? दीदी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अभिषेक को महासचिव का पद

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी के सामने सम्मानजनक समझौते की पेशकश की है। इस ऑफर के तहत:

‘AAP जैसा हाल करेगी BJP’ — सोनिया गांधी की ममता को सलाह

बताया जा रहा है कि इस फोन कॉल के दौरान सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को आगाह किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) जिस तरह से हमलावर है, उससे बचने का एकमात्र रास्ता एकजुट होना है। सूत्रों के मुताबिक सोनिया ने कहा, “अगर टीएमसी अलग रही, तो बीजेपी उन्हें भी आम आदमी पार्टी (AAP) की तरह (केंद्रीय एजेंसियों के जरिए) परेशान करेगी। इसके अलावा, आपकी अपनी पार्टी के लोग भी अब अभिषेक बनर्जी के खिलाफ हो रहे हैं, ऐसे में विलय ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।”

खबरों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने इस बेहद संवेदनशील और बड़े फैसले पर विचार करने के लिए सोनिया गांधी से कुछ दिनों का समय मांगा है।

चौतरफा बगावत की आग में झुलस रही है TMC

यह पूरा घटनाक्रम तब सामने आया है जब ममता बनर्जी का अपना किला ढहता नजर आ रहा है। बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी में ऐतिहासिक बगावत हो चुकी है:

  1. विधायकों की टूट: ममता बनर्जी के 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने अपना अलग गुट बना लिया है।

  2. सांसदों का विद्रोह: दिल्ली में भी टीएमसी के करीब 20 सांसदों ने बगावती रुख अख्तियार कर लिया है।

पार्टी के इस बिखराव और बीजेपी द्वारा अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज कराई जा रही शिकायतों ने ममता बनर्जी को बैकफुट पर ला दिया है।

राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की ‘गुप्त’ डेढ़ घंटे की मुलाकात

इस सियासी हलचल के बीच, आज दिल्ली के 10 जनपथ पर एक और बेहद अहम मुलाकात हुई। राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। सूत्रों का कहना है कि यह मुलाकात काफी सकारात्मक और फायदेमंद रही है, जिसमें बंगाल के मौजूदा राजनीतिक हालात और टीएमसी के भविष्य को लेकर गंभीर चर्चा हुई।

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