मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई अहम ऐलान किए हैं। शहडोल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली देने की बात कही। साथ ही धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी, सिंचाई का रकबा बढ़ाने और किसानों की आय के नए स्रोत विकसित करने पर जोर दिया।
- किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली
- धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी
- हर खेत तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य
- खेती के साथ कमाई के नए रास्ते
- कोदो-कुटकी और हल्दी पर फोकस
- किसानों के लिए ऋण नियम में बदलाव
- जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा
- पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आमदनी
- जनजातीय गांवों में बनेंगे होम-स्टे
- कृषि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुंचाना और सिंचाई का रकबा बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि इस बार धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
कृषि के साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, बकरी पालन, कुक्कुट पालन और मछली पालन को भी बढ़ावा देने की बात कही गई। सरकार उन्नत बीज उपलब्ध कराने के साथ आधुनिक, जैविक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करेगी। शहडोल के कोदो-कुटकी और हल्दी जैसे स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग और बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने किसानों के ब्याज मुक्त ऋण को लेकर भी बड़ा बदलाव बताया। सरकार के मुताबिक अब किसान साल में एक बार तय समय पर ही नहीं, बल्कि अपनी सुविधा के अनुसार साल में कभी भी ऋण की राशि जमा कर सकेंगे। इसके अलावा जनजातीय बहुल गांवों में होम-स्टे विकसित करने की योजना है, जिससे ग्रामीण पर्यटन के साथ युवाओं के लिए रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर बन सकें।
यानी सरकार का फोकस सिर्फ फसल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सिंचाई, समर्थन मूल्य, जैविक खेती, पशुपालन, स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग और ग्रामीण पर्यटन को जोड़कर किसानों की आय के कई रास्ते तैयार करने की कोशिश की जा रही है।