फाइलों पर फंसी महायुति सरकार! फडणवीस-शिंदे के बीच दिखा टकराव
महाराष्ट्र की महायुति सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच फाइलों को लेकर सीधी टकराव की स्थिति बन गई है। मामला अब सिर्फ प्रशासनिक निर्देशों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि राजनीतिक असंतोष और गठबंधन में मतभेद के रूप में सामने आ रहा है। इस विवाद ने न सिर्फ शिवसेना के मंत्रियों को दुविधा में डाल दिया है, बल्कि पूरे महायुति के संतुलन को भी हिला दिया है।
शिंदे ने दिए सीधा आदेश, फडणवीस ने जताई आपत्ति
एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के सभी मंत्रियों से कहा है कि वे कोई भी फाइल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक भेजने से पहले उनसे अनुमोदन लें। यह आदेश सीधे तौर पर प्रशासनिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जा रहा है, क्योंकि मंत्रियों को मुख्यमंत्री के अधीन कार्य करना होता है। लेकिन शिंदे के इस आदेश ने कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसपर आपत्ति दर्ज की है। शिवसेना के नौ मंत्री अब दोराहे पर खड़े हैं — अगर वे फाइलें सीधे सीएम को भेजते हैं तो पार्टी नाराज, और अगर नहीं भेजते हैं तो प्रशासनिक व्यवस्था बाधित होती है।
सियासी पृष्ठभूमि में बढ़ता तनाव, BMC चुनाव की आहट
महाराष्ट्र की राजनीति बीते 5 वर्षों में कई बड़े उलटफेर देख चुकी है — पहले शिवसेना में फूट, फिर एनसीपी का टूटना, और अब ठाकरे परिवार का एक मंच पर आना। ऐसे में जब मुंबई BMC चुनाव नजदीक आ रहे हैं, गठबंधन के भीतर इस तरह का मतभेद बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) की एकता पर सवाल खड़े कर रहा है। महायुति सरकार बनने के बाद यह पहला मौका है जब सीएम और डिप्टी सीएम के बीच सार्वजनिक तौर पर असहमति देखने को मिली है। यह सिर्फ आंतरिक शक्ति संतुलन का मसला नहीं, बल्कि 2024-25 की राजनीति की दिशा तय करने वाला मोड़ भी हो सकता है।




