राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन, देव मीणा ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड..रंग ला रही मोहन सरकार की ये पहल

Madhya Pradesh strong performance

रांची में आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। 22 से 25 मई 2026 तक चली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अकादमी के खिलाड़ियों ने स्वर्ण और रजत पदक जीतने के साथ कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई भी किया। खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देश के खेल जगत में भी नई ऊर्जा भर दी है।

राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन, देव मीणा ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

सबसे बड़ी उपलब्धि पुरुष पोल वॉल्ट स्पर्धा में देखने को मिली, जहां मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ी देव मीणा ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं कुलदीप कुमार ने रजत पदक जीतकर अकादमी की सफलता को और मजबूत बनाया। दोनों खिलाड़ियों ने 5.45 मीटर का शानदार प्रदर्शन करते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया। यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

देव मीणा और कुलदीप कुमार ने रचा इतिहास

पुरुष पोल वॉल्ट स्पर्धा में देव मीणा और कुलदीप कुमार का प्रदर्शन प्रतियोगिता का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। दोनों खिलाड़ियों ने 5.45 मीटर की ऊंचाई पार कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। देव मीणा ने बेहतर प्रयास के आधार पर स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि कुलदीप कुमार रजत पदक विजेता बने। विशेष बात यह रही कि दोनों खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 और एशियन गेम्स के लिए निर्धारित क्वालीफाइंग मार्क भी हासिल कर लिया। कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए तय 5.25 मीटर का मानक दोनों खिलाड़ियों ने आसानी से पार किया, जबकि एशियन गेम्स के लिए आवश्यक 5.45 मीटर के मानक को भी छू लिया।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत के लिए पदक की उम्मीद को मजबूत करता है। मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के लिए भी यह ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

समरदीप सिंह गिल बने शॉटपुट के स्वर्ण विजेता

प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के एक और खिलाड़ी समरदीप सिंह गिल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष शॉटपुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 20.46 मीटर का बेहतरीन थ्रो कर प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया।

समरदीप ने न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए निर्धारित 20.36 मीटर के क्वालीफाइंग मार्क को भी पार कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने एशियन गेम्स के लिए तय 19.41 मीटर के क्वालीफाइंग मानक को भी हासिल कर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

उनके इस प्रदर्शन को भारतीय एथलेटिक्स में नई उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे समरदीप अब देश के प्रमुख शॉटपुट खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं।

विनोद सिंह ने 5000 मीटर दौड़ में जीता रजत

मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ी विनोद सिंह ने पुरुष 5000 मीटर दौड़ स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अर्जित किया। उन्होंने 14 मिनट 15.50 सेकेंड का समय निकालकर प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया।

विनोद सिंह का प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने चीन के ओरोडोस में आयोजित होने वाली पहली एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 के लिए निर्धारित क्वालीफाइंग मार्क को भी पार कर लिया। इस प्रतियोगिता के लिए 14 मिनट 22 सेकेंड का समय निर्धारित था, जिसे विनोद ने शानदार तरीके से पीछे छोड़ दिया।

उनकी उपलब्धि से मध्यप्रदेश के लंबी दूरी के धावकों को नई प्रेरणा मिली है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि सही प्रशिक्षण और निरंतर मेहनत से विनोद आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीत सकते हैं।

मध्यप्रदेश में मजबूत हो रही खेल संस्कृति

मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों की इस सफलता को प्रदेश में विकसित हो रही मजबूत खेल संस्कृति और बेहतर खेल अधोसंरचना का परिणाम माना जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और अनुभवी कोचों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।

सरकार द्वारा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यही कारण है कि अब मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

खेल मंत्री ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने देव मीणा, कुलदीप कुमार, विनोद सिंह और समरदीप सिंह गिल को शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता और अनुशासन का परिचय देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की श्रेष्ठता साबित की है। मंत्री ने कहा कि दबावपूर्ण मुकाबलों में पदक जीतना खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने अकादमी के प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ की भी सराहना की, जिन्होंने वैज्ञानिक प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन के जरिए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया।

युवा खिलाड़ियों के लिए बने प्रेरणा

मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों की यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही प्रशिक्षण के दम पर राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। प्रदेश में खेलों को लेकर बढ़ते उत्साह और सरकार की सक्रिय पहल का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश के और अधिक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करते नजर आ सकते हैं।

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