मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। यदि राज्य में UCC लागू होता है, तो मध्य प्रदेश देश का पांचवां राज्य बन जाएगा जहां समान नागरिक संहिता प्रभावी होगी। सरकार इस विषय पर गठित समिति और कानून विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
एमपी में UCC लागू करने की तैयारी
पांचवां UCC राज्य बनने की ओर मध्यप्रदेश
गोवा और उत्तराखंड के बाद बड़ा कदम
कानून आयोग की सिफारिशों पर नजर
सामाजिक सुधार की दिशा में अहम पहल
वर्तमान में गोवा में पुर्तगाली सिविल कोड के तहत लंबे समय से समान नागरिक कानून लागू है। इसके बाद उत्तराखंड ने वर्ष 2024 में UCC लागू कर इतिहास रचा। अब मध्य प्रदेश भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। राज्य सरकार का कहना है कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून सामाजिक न्याय और समानता की भावना को मजबूत करेगा।
UCC लागू होने के बाद विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति से जुड़े कई नागरिक मामलों में सभी धर्मों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू हो सकती है। हालांकि, अंतिम स्वरूप सरकार द्वारा तैयार किए जाने वाले कानून पर निर्भर करेगा।
राजनीतिक और कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि मध्य प्रदेश में UCC लागू होता है तो यह देश में समान नागरिक संहिता को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जाएगा। इससे अन्य राज्यों में भी इस विषय पर चर्चा और कानून बनाने की प्रक्रिया को गति मिल सकती है।
देश में UCC (समान नागरिक संहिता) की वर्तमान स्थिति (जुलाई 2026):
राज्य स्थिति
गोवा पुर्तगाली सिविल कोड के तहत लंबे समय से समान नागरिक व्यवस्था लागू
उत्तराखंड UCC लागू (27 जनवरी 2025 से प्रभावी)
गुजरात – 2026 में UCC विधेयक पारित कर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा।
असम UCC विधेयक पेश प्रक्रिया जारी, विधायी प्रक्रिया जारी।
मध्य प्रदेश मसौदा तैयार, सरकार UCC लागू करने की तैयारी में





