नौतपा की तपिश से झुलसा मध्यप्रदेश, पांच दिन तक लू का रेड अलर्ट

Nautapa heatwave red alert for five days

नौतपा की तपिश से झुलसा मध्यप्रदेश, पांच दिन तक लू का रेड अलर्ट

नौतपा की शुरुआत के साथ बढ़ी मुसीबत

मध्यप्रदेश में नौतपा की शुरुआत होते ही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सोमवार से शुरू हुए नौतपा के पहले दिन ही प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए गर्म हवाओं और भीषण लू का रेड अलर्ट जारी किया है। खासकर बुंदेलखंड, बघेलखंड, ग्वालियर-चंबल और पूर्वी मध्यप्रदेश के इलाके सबसे अधिक प्रभावित बताए गए हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार नौतपा का असर पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा तीव्र हो सकता है।

दिन ही नहीं, रातें भी बनीं तपती

इस बार की गर्मी की सबसे बड़ी चिंता रात के तापमान में हो रही लगातार बढ़ोतरी है। सामान्यतः रात के समय तापमान में गिरावट होने से लोगों को राहत मिलती है, लेकिन इस बार कई जिलों में रात का तापमान भी 30 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। ग्वालियर और दतिया में रात का न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बेहद असामान्य माना जा रहा है।

इसी प्रकार विदिशा और गुना में 31.6 डिग्री, बैरसिया भोपाल में 31.2 डिग्री, जबकि रायसेन, राजगढ़ और नरसिंहगढ़ में रात का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रात में तापमान अधिक रहने से शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।

बुंदेलखंड और बघेलखंड सबसे ज्यादा प्रभावित

मौसम विभाग के अनुसार नौतपा के शुरुआती दिनों में बुंदेलखंड और बघेलखंड क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहेंगे। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, सतना, रीवा और मऊगंज जैसे जिलों में गंभीर हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इन इलाकों में दिनभर गर्म और शुष्क हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

शहरों में सड़कों पर पसरा सन्नाटा

भीषण गर्मी का असर प्रदेश के बड़े शहरों में साफ दिखाई देने लगा है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर और सागर जैसे शहरों में दोपहर के समय सड़कें लगभग सूनी नजर आ रही हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

गर्मी से बचने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों, नींबू पानी, गन्ने के रस और फलों का सहारा ले रहे हैं। बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक कूलिंग उपकरणों और पानी की बोतलों की मांग बढ़ गई है। वहीं बिजली की बढ़ती खपत के कारण कई इलाकों में बिजली कटौती की समस्या भी सामने आने लगी है।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, धूप में निकलने से बचें और हल्के सूती कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी होने पर चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

मई के अंत में मिल सकती है राहत

हालांकि मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि मई के अंतिम दिनों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने से कुछ राहत मिल सकती है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।

फिलहाल अगले पांच दिन प्रदेशवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। नौतपा के इस भीषण दौर ने साफ कर दिया है कि इस बार गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है।

Exit mobile version