एरियल डिस्टेंस के आधार पर बनेगा MP का नया हाईवे नेटवर्क…इन 1100 किमी सड़कों से घटेगा सफर का समय

Madhya Pradesh new highway network

एरियल डिस्टेंस के आधार पर बनेगा मध्यप्रदेश का नया हाईवे नेटवर्क, 1100 किमी सड़कों से घटेगा सफर का समय

Madhya Pradesh में सड़क परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की जा रही है। प्रदेश में पहली बार “एरियल डिस्टेंस” यानी सीधी हवाई दूरी के आधार पर हाईवे निर्माण की योजना तैयार की गई है। करीब 1100 किलोमीटर लंबे इन नए ग्रीनफील्ड हाईवे का उद्देश्य बड़े शहरों के बीच यात्रा को तेज, आसान और सुरक्षित बनाना है। सरकार का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद कई शहरों के बीच सफर का समय घंटों कम हो जाएगा।

सीधे और छोटे मार्गों पर होगा फोकस

अब तक अधिकांश सड़कें पुराने मार्गों, गांवों और कस्बों को जोड़ते हुए बनाई जाती रही हैं, जिससे दूरी और यात्रा समय बढ़ जाता है। नई योजना में शहरों के बीच सीधी दूरी को आधार बनाकर हाईवे तैयार किए जाएंगे। इससे रास्ते छोटे होंगे और वाहन तेज गति से बिना बाधा के चल सकेंगे।

सरकार ग्रीनफील्ड मॉडल पर इन सड़कों का निर्माण करेगी। इसका मतलब है कि नई सड़कें पूरी तरह नए रूट पर विकसित होंगी, जिससे यातायात का दबाव भी कम होगा।

भोपाल, जबलपुर और इंदौर सहित कई शहरों को मिलेगा लाभ

प्रस्तावित हाईवे नेटवर्क में Bhopal, Jabalpur, Sagar, Satna, Indore, Ujjain और Chhatarpur जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ा जाएगा।

भोपाल-मलखेड़ा, भोपाल-जबलपुर, भोपाल-छतरपुर और इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर इस योजना के मुख्य हिस्से होंगे। नई सड़कें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से बेहतर कनेक्टिविटी भी प्रदान करेंगी, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

हर 50 किलोमीटर पर एंट्री और एग्जिट सुविधा

नई परियोजना में आधुनिक एक्सेस कंट्रोल सिस्टम लागू किया जाएगा। हाईवे पर हर 50 किलोमीटर के अंतराल पर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाए जाएंगे। लोकल वाहनों की सीधी आवाजाही सीमित रखी जाएगी ताकि लंबी दूरी के वाहन बिना रुकावट तेज गति से सफर कर सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी।

किसानों को मिलेगा मुआवजा

हाईवे निर्माण के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित होगी, उन्हें सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। परियोजना के तहत निजी एजेंसी को टोल वसूली का अधिकार दिया जा सकता है। सरकार ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सुविधाओं का भी आश्वासन दिया है।

औद्योगिक विकास और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि नई सड़कें प्रदेश के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएंगी। तेज कनेक्टिविटी से उद्योगों को परिवहन सुविधा बेहतर मिलेगी, जबकि पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन कारोबार को भी फायदा होगा।

विशेष रूप से भोपाल से जबलपुर, सतना और छतरपुर तक यात्रा का समय कम होने से व्यापारिक गतिविधियों और निवेश में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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