मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में आज 27 अप्रैल को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” और महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर मंथन होगा। इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पूरी रणनीति के साथ उतरने जा रहे हैं, जिससे सदन में तीखी बहस के आसार हैं।
विधानसभा में नारी शक्ति पर मंथन
महिला आरक्षण पर गरमाएगा सदन आज
भाजपा गिनाएगी उपलब्धियां, कांग्रेस हमलावर
विशेष सत्र में होगी तीखी बहस
महिला सशक्तिकरण पर आमने-सामने दोनों दल
जानकारी के मुताबिक, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी इस दौरान महिला सशक्तिकरण को लेकर अपनी उपलब्धियां गिनाएगी और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में किए गए प्रयासों को प्रमुखता से रखेगी। वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लेकर अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
यह पहला मौका होगा जब विधानसभा में संसद से पारित न हो सके बिल के संदर्भ में इस तरह की विस्तृत चर्चा होगी। “नारी शक्ति वंदन” के जरिए महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण को लेकर सरकार अपनी प्रतिबद्धता दिखाने की कोशिश करेगी।
सियासत गरमाने के आसार
दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा लाया गया 131वां संविधान संशोधन बिल सदन में पारित नहीं हो सका, जिसके बाद देशभर में महिला आरक्षण को लेकर सियासत तेज हो गई। भाजपा ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने भाजपा पर इस मुद्दे को लेकर जनता को भ्रमित करने की बात कही।
इसी राजनीतिक टकराव के बीच मध्यप्रदेश में यह एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। दोनों दलों ने अपने विधायकों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक नजर से अहम सत्र
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर होने वाली यह चर्चा आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। सदन में होने वाली बहस न केवल राजनीतिक दिशा तय करेगी, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी बड़ा संदेश दे सकती है। नारी शक्ति के मुद्दे पर आज विधानसभा में होने वाला मंथन… सियासत की दिशा भी तय करेगा और महिला सशक्तिकरण की तस्वीर भी साफ करेगा… अब देखना होगा कि बहस के बाद क्या ठोस निष्कर्ष निकलता है।





