कृषि सुधारों को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान
मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी और किसान हितैषी भावांतर भुगतान योजना-2025 को प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली स्थित पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में आयोजित समारोह में यह सम्मान मध्यप्रदेश की डिजिटल कृषि विपणन व्यवस्था और किसानों को मूल्य संरक्षण उपलब्ध कराने के अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
भावांतर भुगतान योजना स्कॉच गोल्ड अवार्ड से सम्मानित
डिजिटल कृषि सुधारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुआ मध्यप्रदेश, किसानों को मूल्य संरक्षण की पहल को मिली पहचान
मध्यप्रदेश की किसान हितैषी योजना का राष्ट्रीय सम्मान
भावांतर भुगतान योजना को मिला स्कॉच गोल्ड अवार्ड
ई-मंडी और भावांतर मॉडल की देशभर में सराहना
किसानों को सीधे खाते में मिल रहा अंतर का भुगतान
डिजिटल कृषि विपणन व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मिली सफलता
यह पुरस्कार राज्य सरकार की उस पहल को मान्यता देता है, जिसके माध्यम से किसानों को बाजार में फसल के कम दाम मिलने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
किसानों को MSP दिलाने की अभिनव पहल
मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री Edal Singh Kansana के मार्गदर्शन में भावांतर भुगतान योजना-2025 और ई-मंडी व्यवस्था को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक लागू किया गया।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बाजार मूल्य में गिरावट से सुरक्षा प्रदान करना और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। इसके तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और वास्तविक बिक्री मूल्य के बीच का अंतर सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा किया जाता है।
देश में पहली बार लागू हुआ डिजिटल मॉडल
भावांतर योजना-2025 के अंतर्गत सोयाबीन की खरीदी पूरी तरह ई-मंडी एप्लीकेशन के माध्यम से की गई। यह देश में अपने प्रकार की पहली व्यवस्था मानी जा रही है, जिसमें खरीद, बिक्री और भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया।
मध्यप्रदेश कृषि विपणन बोर्ड की अहम भूमिका
इस उपलब्धि के पीछे मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री कुमार पुरुषोत्तम के निर्देशन में सहायक संचालक योगेश नागले, गोविंद शर्मा और निरंजन सिंह ने यह सम्मान प्राप्त किया।
योजना के संचालन में उपयोग किए जा रहे दोनों डिजिटल एप्लीकेशन का विकास National Informatics Centre भोपाल द्वारा किया गया है, जिसने तकनीकी आधारभूत संरचना उपलब्ध कराई।
राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ रहे मौजूद
पुरस्कार वितरण समारोह में कई प्रमुख अर्थशास्त्री, नीति विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष प्रो. एस. महेंद्र देव, विधि एवं न्याय मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. मनोज कुमार, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद के निदेशक डॉ. शेखर अय्यर, आरआईएस के महानिदेशक प्रो. सचिन कुमार शर्मा तथा स्कॉच ग्रुप के अध्यक्ष समीर कोचर शामिल रहे।
किसानों के लिए क्या है महत्व?
बाजार में कीमत गिरने पर आर्थिक सुरक्षा।
न्यूनतम समर्थन मूल्य और बिक्री मूल्य के अंतर की भरपाई।
भुगतान सीधे बैंक खाते में।
पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता।
डिजिटल माध्यम से तेज और आसान लेनदेन।
किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने की व्यवस्था।
सियासी और प्रशासनिक मायने
यह सम्मान ऐसे समय मिला है जब राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में डिजिटल सुधारों और किसान कल्याण योजनाओं को अपनी प्राथमिकता बता रही है। स्कॉच गोल्ड अवार्ड मिलने से न केवल मध्यप्रदेश की कृषि नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, बल्कि यह राज्य के डिजिटल गवर्नेंस मॉडल की सफलता का भी प्रमाण माना जा रहा है।
भावांतर भुगतान योजना स्कॉच गोल्ड अवार्ड से सम्मानित अवार्ड-2026 मध्यप्रदेश के कृषि सुधारों, डिजिटल नवाचार और किसान हितैषी नीतियों की बड़ी उपलब्धि है। यह सम्मान बताता है कि तकनीक और पारदर्शिता के जरिए किसानों को बेहतर बाजार व्यवस्था और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राज्य ने एक प्रभावी मॉडल विकसित किया है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है।





