कौन हैं प्रियंका, जिनसे हार गए लक्ष्मण, विधानसभा चुनाव में इन महिलाओं ने दिखाई ताकत जीतीं चुनावी जंग

ममता से जीते थे, प्रियंका से हार गए लक्ष्मण

मध्यप्रदेश विधानसभा की 230 सीटों पर हुए चुनाव में 27 महिलाएं भी जीतीं हैं। जिनमें 21 बीजेपी से हैं तो 6 कांग्रेस से हैं। इसके साथ ही 2018 के विधानसभा चुनाव में जीतने वाली महिलाओं की संख्या 20 थी, जो 2023 में बढ़कर 26 हो गई है। इन महिला नेताओं ने न सिर्फ जीत हासिल की, बल्कि बड़े अंतर से राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ियों को हराया। इनमें सबसे चर्चित और युवा चेहरा है प्रियंका मीणा का। 31 साल की प्रियंका मीणा ने विधानसभा चुनाव में गुना जिले की चाचौड़ा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह को 61 हजार से अधिक वोटों से परास्त किया है।

मप्र की सबसे युवा महिला विधायक हैं प्रियंका मीना

दिल्ली में पदस्थ भारतीय राजस्व सेवा के अफसर की पत्नी प्रियंका मीना को अपनी पहली लिस्ट में बीजेपी ने टिकट दिया था। प्रियंका मीना ने 27 फरवरी 2023 को बीजेपी का दामन थामा था। तब मध्य प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, पार्टी अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ संगठन मंत्री हितानंद शर्मा के समक्ष बीजेपी जॉइन की थी। बीजेपी का दामन थामने के बाद से ही प्रियंका क्षेत्र में खासी लोकप्रिय हो गई थीं। प्रियंका अपने नाम के पीछे ससुराल के गांव का नाम पेंची लिखना नहीं भूलती हैं। जहां बीजेपी ने प्रियंका के चेहरे को तवज्जो देते हुए हर किसी को हैरानी में डाल दिया था। वहीं चुनाव परिणाम भी कम हैरानी वाले नहीं रहे। 2018 में ममता मीणा को परास्त करने वाले ​लक्ष्मण प्रियंका के आगे परास्त हो गए। बता दे पिछले 2018 के विधानसभा चुनाव में लक्ष्मण सिंह ने बीजेपी प्रत्याशी ममता मीना को 9797 वोटों से चुनाव हराया था। लेकिन इस बार वोटों का मार्जिन काफी बड़ा रहा। लक्ष्मण सिंह 50 हजार का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए। ऐसे में लक्ष्मण सिंह बीजेपी की जीत के पीछे कालेधन को दोषी ठहरा रहे हैं।

चाचौड़ा में वोट कटवा साबित हुई आप

चाचौड़ा सीट पर इस बार चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय था। बीजेपी की ओर से युवा उम्मीदवार प्रियंका मीना मैदान में थीं। जिन्हें 1 लाख 10254 वोट मिले। उनके मुकाबले कांग्रेस अनुभवी उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह महज 49 हजार 684 मत ही हासिल कर सके। जबकि तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार ममता मीना की झोली में 27 हजार 405 वोट गिरे। ये वहीं ममता मीना हैं जिन्हें 2018 में लक्ष्मण सिंह ने परास्त किया था। उस समय ममता बीजेपी के टिकट पर मैदान में थीं। इस बार के चुनाव में लक्ष्मण सिंह ने पोस्टल बैलेट्स में सर्वाधिक 562 वोट हासिल किए। बता दें कि 31 साल की प्रियंका मीना मध्य प्रदेश की सबसे युवा विधायक के रुप में चुनी गईं हैं।

कांग्रेस की अनुभा के आगे हारे बीजेपी के अनुभवी बिसेन

इस उलटफेर भरे चुनाव में महिला उम्मीदवारों ने कई उलटफेर किये हैं। जिसमें लक्ष्मण सिंह के बाद महिला प्रत्याशी से हार का सामना करने वालों में बीजेपी के मंत्री गौरीशंकर बिसेन भी शामिल हैं। जिन्हें कांग्रेस नेत्री अनुभा मुंजारे ने परास्त किया। अनुभा ने 10 लाख 8770 वोट हासिल किए और करीब 29 हजार 195 वोट के अंतर से बीजेपी के कद्दावर नेता गौरीशंकर बिसेन को मात दी। बता दें कि इस सीट पर बीजेपी की ओर से ऐन वक्त पर प्रत्याशी बदला गया था। पहले गौरीशंकर बिसेन की बेटी मौसम बिसेन मैदान में थी, लेकिन बाद में चुनाव के लिए आवेदन गौरीशंकर बिसेन ने किया और पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया।

जीत से झूमती नजर आईं कृष्णा,झूमरवाला हो गए हैरान

मप्र के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर की पुत्रवधु और बीजेपी की कृष्णा गौर महिलाओं में सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाली प्रतयाशी हैं। कृष्णा ने भोपाल की गोविंदपुरा सीट से कांग्रेस के रवींद्र साहू झूमरवाला को करीब 1 लाख 6 हजार वोट के बड़े अंतर से हराया। बता दें गोविंदपुरा सीट से स्वर्गीय बाबूलाल गौर ने साल 1980 से 2013 के बीच लगातार 8 बार चुनावी जीत हासिल की थी।

कांग्रेस के इन दिग्गजों को भी मिली बीजेपी नेत्रियों से हार

बीजेपी की मालिनी गौड़ ने इंदौर-4 नंबर विधानसभा सीट से 69 हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत दर्ज की है। इसके अलावा बीजेपी के टिकट पर जीतने वाली महिलाओं में मंत्री उषा ठाकुर महू और मंत्री मीना सिंह मानपुर के अलावा सांसद रीति पाठक सीधी, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस बुरहानपुर और पूर्व राज्यसभा सदस्य संपतिया उइके मंडला शामिल हैं। मंजू दादू नेपानगर, गंगाबाई उइके घोड़ाडोंगरी, प्रतिमा बागरी रायगांव, राधा सिंह चित्रांगी, नीना वर्मा धार, निर्मला भूरिया पेटलावद, कंचन तनवे खंडवा, छाया मोरे पंधाना, गायत्री राजे पवार देवास, सरला बृजेंद्र रावत सबलगढ़, ललिता यादव छतरपुर और उमा खटीक हटा ने भी बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस के उम्मीदवारों को परास्त किया और मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचीं।

जीतने में सफल रहीं कांग्रेस की ये महिला नेत्री

कांग्रेस की अनुभा मुंजारे बालाघाट से चुनाव मैदान में थीं। जहां मंत्री गौरीशंकर बिसेन को हराया। कांग्रेस की दूसरी महिला नेता जो बीजेपी के कद्दावर नेताओं को हराकर विधानसभा पहुंचीं हैं उनमें निर्मला सप्रे बीना, चंदा सिंह गौड़ खरगापुर, साध्वी रामसिया भारती मल्हेरा, सेना पटेल जोबट और झूमा सोलंकी भीकनगांव शामिल हैं।

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