बीजेपी के इस बागी को चाहिए ‘नारायण’ की सीट, डैमेज कंट्रोल में जुटे नेता

Madhya Pradesh Assembly Election 2023

विधानसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में बीजेपी कठिन दौर से गुजर रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं पर आरोप है कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहे है। दीपक जोशी के बाद भंवर सिंह शेखावत, सत्यनारायण सत्तन, रघुनंदन शर्मा, डॉ.गौरीशंकर शेजवार, रामकृष्ण कुसमरिया और अजय विश्नोई सबकी भाषा शैली का एक ही अर्थ है। ये वो नेता हैं, जिन्होंने बीजेपी को यहां तक लाने अपना अमूल्य योगदान दिया है लेकिन अब हाशिए पर आ गए हैं।

इनमें एक नाम ओर है वो है पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा का। लंबे समय से पार्टी में उपेक्षित महसूस कर रहे पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा रविवार को अचानक भोपाल आ धमके, यहां बीजेपी प्रदेश कार्यालय में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश महामंत्री हितानंद से मिलने मिले। बंद कमरे में इन नेताओं के बीच करीब आधा घंटे अलग-अलग हुई इस बातचीत को दीपक जोशी की बगावत के बाद शुरू हुई डैमेज कंट्रोल की कवायद माना जा रहा है। ऐसे में पिछले कुछ समय से अपने तल्ख बयानों के चलते सुर्खियाें में रहे अनूप मिश्रा इस मुलाकात के बाद खुश नजर आए और मुलाकात को सामान्य बताया। लेकिन खबर बाहर निकल कर आ रही है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल विहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा इस बार चुनाव में अपनी पुरानी सीट ग्वालियर दक्षिण सीट से उतरना चाहते हैं।

ग्वालियर दक्षिण सीट पर अनूप मिश्रा का दावा

बीजेपी को भी उन्होंने आगाह कर दिया है। बता दें 1998 में अनूप मिश्रा ने इस सीट पर जीत दर्ज कर कांग्रेस से छीनी थी। उनका कहना है ग्वालियर दक्षिण क्षेत्र उनका पैतृक घर है। पूरा परिवार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में ही रहता हैं। लिहाजा इस सीट पर मजबूत दावेदारी उनकी बनती हैं। हालांकि इस सीट से 2018 में बीजेपी ने नारायण कुश्वाहा को मैदान में उतारा था और वे जीते भी थे। लेकिन अनूप मिश्रा को भरोसा है कि पार्टी उन्हें दक्षिण ग्वालियर सीट से ही टिकट देगी। टिकट नहीं मिलने की दशा में उनका कहना है जो परिस्थितियां होंगी उसके हिसाब से निर्णय लेंगे। फिलहाल वे इस सीट पर जनसंपर्क शुरु कर चुके हैं।

भितरवार में हुई थी अनूप की हार

बीजेपी ने पिछली बार 2028 में अनूप मिश्रा को भितरवार भेजा था। जहां से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में वे ग्वालियर की दक्षिण सीट पर उनकी नजर है। साथ ही टिकट न मिलने और किसी दूसरी सीट से टिक दिए जाने के सवाल पर अनूप मिश्रा का कहना है वे ये मान रहे हैं कि पार्टी उन्हें दक्षिण सीट से ही टिकट देगी। जहां उन्होंने लोगों से संपर्क भी शुरू कर दिया है। पार्टीी से टिकट न मिलने की स्थिति में जो परिस्थितियां होंगी उसके हिसाब से वे फैसला लेंगे।

Mp bjp में पूरी होंगी बागियों की शर्तें !

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