उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद सोमवार को फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी। FSL लखनऊ के निदेशक प्रो. आदर्श कुमार स्वयं जांच टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
- घटनास्थल पर पहुंची FSL टीम
- 15 लोगों की मौत से मचा हड़कंप
- SDRF ने दीवार तोड़कर बचाए लोग
- फायर NOC पर उठे गंभीर सवाल
- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: बीजेपी विधायक
- सीएम योगी ने मुआवजे का किया ऐलान
हादसे के दौरान बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। बिल्डिंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए SDRF जवानों को इमारत की साइड की दीवार में बड़े छेद करने पड़े, जिसके बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया।
इस बीच बिल्डिंग में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों और फायर सेफ्टी मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित परिवारों ने फायर एनओसी और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए लखनऊ उत्तर से बीजेपी विधायक नीरज बोरा ने कहा कि घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और योगी सरकार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।