चीनी प्रधान मंत्री ली छ्यांग ने 19 अक्तूबर की दोपहर के बाद
दुशानबे में एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद के 25वें सम्मेलन में भाग
लेने से इतर ईरान के प्रथम उप राष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ़ से
मुलाकात की।
ली छ्यांग ने कहा कि चीन और ईरान दोनों प्राचीन सभ्यता वाले
देश हैं और परंपरागत मित्रता का लंबा इतिहास है। वर्तमान वर्ष
दोनों देशों की सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी की स्थापना की 10वीं
वर्षगांठ है। चीन ईरान के साथ इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों का
आदान-प्रदान व सहयोग बढ़ाने को तैयार है।
ली छ्यांग ने कहा कि इस साल में मध्यपूर्व की स्थिति डांवांडोल
रही है। चीन का पक्ष है कि विभिन्न देशों की प्रभुसत्ता और सुरक्षा
को सम्मान मिलना चाहिए। सम्बंधित पक्षों को शांति के विकल्प पर
कायम रहकर यथाशीघ्र ही वार्ता बहाल कर राजनीतिक तथा
कूटनीतिक माध्यम से मतभेद हल कर यथाशीघ्र ही क्षेत्रीय शांति की
बहाली करनी चाहिए। चीन वार्ता बढ़ाने की भरसक कोशिश करता
रहता है और राष्ट्रपति शी द्वारा प्रस्तुत श्रृंखलात्मक महत्वपूर्ण
प्रस्ताव के मुताबिक क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास के लिए
कोशिश जारी रखेगा।
मोहम्मद रज़ा आरिफ़ ने कहा कि ईरान चीन के साथ सम्बंध को बड़ा
महत्व देता है और चीनी पक्ष के साथ विभिन्न स्तरीय आवाजाही
घनिष्ठ बनाकर विभिन्न क्षेत्रों का परस्पर लाभकारी सहयोग मजबूत
करने और एससीओ, ब्रिक्स आदि बहुपक्षीय ढांचे में समन्वय मजबूत
करने को तैयार है ताकि ईरान-चीन सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी
निरंतर आगे बढ़े। ईरान मध्यपूर्व शांति व सुरक्षा पर राष्ट्रपति शी के
अहम प्रस्ताव का स्वागत और समर्थन करता है और वार्ता से
मतभेद सुलझाना चाहता है। ईरान इस्लामाबाद मेमोरैंडम पर लौटकर
यथाशीघ्र ही क्षेत्रीय शांति बहाल करने की उम्मीद करता है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)