जाने राज्यों में क्या है हार जीत का अंक गणित राज्यों से क्या आई ग्राउंड रिपोर्ट

जाने राज्यों में क्या है हार जीत का अंक गणित राज्यों से क्या आई ग्राउंड रिपोर्ट

लोकसभा चुनावों में अब एक दौर की वोटिंग बाकी है । ऐसे में अब तक दोनों ही गठबंधन के दावों की ग्राउंड रिपोर्ट क्या है इस पर हम बात कर रहे हैं। दक्षिण के राज्यों के बाद अब बात करेंगे उत्तर भारत की। उत्तर भारत में सबसे पहले देश का दिल दिल्ली और दिल्ली से सटे पंजाब और हरियाणा की बात करें तो दिल्ली की सात सीटों का रण तो बहुत दिलचस्प रहा।
दिल्ली में पिछले चुनावों 2019 में बीजेपी ने सातों सीटों पर कब्जा किया था।

लेकिन इस बार के हालात पहले से अलग है इस बार आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनो गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रहे है।
दिल्ली में सरकार आम आदमी पार्टी की है और आम आदमी पार्टी ही कांग्रेस और बीजेपी को टक्कर देने वाली पार्टी है।

दिल्ली में बीजेपी ने भ्रषट्राचार को मुद्दा बनाया शराब घोटाला मुख्यमत्री अरविंद केजरीवाल को जेल जैसे कई सारे मुद्दे दिल्ली के चुनावों पर हावी रहे साथ ही देश की राजधानी होने के चलते राज्यों के भी बड़े मुद्दों का शोर यहां सुनाई देता रहा।
अब दिल्ली का सात सीटों की बात करें तो दिल्ली की सभी सीटों पर अच्छी टक्कर है। पिछली बार की तरह इस बार भी बीजेपी दिल्ली की सभी सीटों पर जीत दर्ज करा पाना थोड़ा चुनौती भरा है।

इसमें उत्तर पश्चिम दिल्ली का उदित राज की सीट पर टक्कर है वहीं बांसुरी स्वराज की सीट पर सोमनाथ भारती टक्कर दे रहे हैं तो वहीं कन्हैया कुमार भी मनोज तिवारी को टक्कर दे रहे है
ऐसे हालात में दिल्ली मे बीजेपी वापस पूरी सात सीटों पर कब्जा करेगी लेकिन इस बार चुनौतियां पिछली बार के तुलना मे ज्यादा है बावजूद इसके बीजेपी यहां सभी सीटों पर जीत दर्ज करा पाने में कामयाब हो सकती है।

पंजाब की बात करें तो
पंजाब में लोकसभा की कुल 13 सीटें है
जिनमें से 2019 में कांग्रेस ने 8 सीटो पर कब्जा किया था
बीजेपी और शिरोमणी अकाली दल ने दो दो सीटों पर और
आम आदमी पार्टी के खाते में एक सीट आई थी।
इस बार पंजाब में जो लड़ाई है वो इंडिया गठबंधन मे ही आपस मे है मतलब कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दिल्ली में एक होकर लड़ रही है वही दोनो पंजाब में अलग अलग लड़ रही है।
जो ग्राउंड रिपोर्ट है वो ये कहती है पंजाब में बीजेपी और उसके घटक दल तीसरे और चौथे नंबर की लड़ाई लड़ रही हैं।
क्योंकि बीजेपी के हाथ की दो सीटे भी जाती हुई दिखाई दे रही है।
पंजाब में इस वक्त आम आदमी पार्टी की सरकार है और यहां पर किसान आंदोलन की जो बड़ा और सीधा असर पड़ा था वो पंजाब पर ही पड़ा था इसलिए बीजेपी अपने हिस्से की दो सीटों को भी गंवा सकती है।

वही बात हरिय़ाणा की करें तो हरियाणा में लोकसभा की कुल 10 सीटें है
2019 में पूरी दस सीटें बीजेपी के खाते में आई थी
हरियाणा की सभी लोकसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा था और बाकी दल यहां खाता नहीं खोल पाए थे.
अब 2024 के चुनावों की बात करें तो यहां के मुद्दो में
सबसे बड़ा मुद्दा किसान आंदोलन का ही है किसान आंदोलन से प्रभावित होने वाले राज्यों में हरियाणा भी एक था । हरियाणा के शहरों से लेकर ग्रामीण इलाके तक किसान आंदोलन का असर हुआ है और इसी के चलते इस राज्य में बीजेपी की सीटे कुछ कम हो सकती है।
बीजेपी के पास यहा पूरी सीटें थी इसलिए किसान आंदोलन और बाकी सारे मुद्दों के बावजूद भी बीजेपी उसके 7-9 सीटें जीत सकती है।

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