बस 24 घंटे और… कड़ाके की ठंड के लिए हो जाएं तैयार! 5 राज्यों में शीतलहर का अलर्ट
देश में नवंबर का महीना आधा बीतते ही सर्दियों ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में गिरते तापमान और दक्षिण भारत में भारी बारिश—ये सभी संकेत बता रहे हैं कि मौसम तेजी से करवट बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ताज़ा अपडेट जारी करते हुए उत्तर भारत के कई राज्यों में शीतलहर का अलर्ट और दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी दी है। अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं, क्योंकि इसके बाद तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
उत्तर भारत में शीतलहर की दस्तक
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और झारखंड में 15 और 16 नवंबर को शीतलहर चलने की संभावना है। सुबह-शाम तेजी से तापमान गिर रहा है और कई जगह न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया है। दिन के समय भी हल्की ठंड का एहसास हो रहा है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों पर इसका असर बढ़ सकता है, जबकि बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हिमालय से आ रही हवा बढ़ाएगी ठंड
IMD के मुताबिक, बर्फीली पहाड़ी हवाएं मैदानों की ओर बढ़ने लगी हैं, जिनका असर सीधे राजस्थान, एमपी और यूपी के कई जिलों में महसूस किया जा रहा है। अगले 24 घंटे तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद अचानक गिरावट शुरू होगी और कई जगहों पर पारा सामान्य से काफी नीचे चला जा सकता है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
जब उत्तर भारत में ठंड बढ़ रही है, वहीं दक्षिण भारत में बारिश का कहर जारी है। IMD ने तमिलनाडु, केरल और माहे के कुछ हिस्सों में 16 नवंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में 16 से 18 नवंबर के बीच तेज बारिश और बादल छाए रहने की चेतावनी जारी की गई है। समुद्र के ऊपर सक्रिय सर्कुलेशन और निचले दबाव की स्थिति के कारण कई तटीय इलाके प्रभावित हो सकते हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
दिल्ली में ठंड ही नहीं, प्रदूषण का भी प्रहार
राजधानी दिल्ली में मौसम का असर दोहरी मार के रूप में सामने आ रहा है। एक ओर ठंड बढ़ रही है, दूसरी ओर वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। शहर के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 410 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर श्रेणी’ में आता है। जैसे-जैसे तापमान गिरेगा, प्रदूषित कण नीचे बैठेंगे और हवा की गुणवत्ता और खराब होगी। नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी धुंध और धुएं का मिश्रण (स्मॉग) देखने को मिल रहा है। सुबह-शाम कोहरा बनने की संभावना बढ़ गई है, जिससे विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में तापमान लुढ़कने की चेतावनी
उत्तर प्रदेश उन राज्यों में शामिल है, जहां शीतलहर का असर सबसे ज्यादा दिखेगा। मौसम विभाग ने बताया कि लखनऊ, मेरठ और मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। वहीं कानपुर, बरेली, अयोध्या, बाराबंकी जैसे जिलों में तापमान 8-10 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही हल्की धुंध और कोहरा सुबह-शाम देखने को मिल सकता है, जिससे यातायात पर भी असर पड़ेगा।
बिहार में भी बढ़ेगी कंपकंपी
उत्तर प्रदेश और झारखंड से आने वाली शीतलहर का असर बिहार में भी महसूस होने लगेगा। पटना, गया, भागलपुर और आसपास के जिलों में रात के तापमान में तेज़ गिरावट की संभावना है। सुबह कोहरे की चादर छाई रह सकती है, जिससे दृश्यता भी कम होगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बिहार में इस बार ठंड की शुरुआत उम्मीद से पहले हो रही है और आगामी हफ्ते में तापमान और नीचे जा सकता है।
छत्तीसगढ़, झारखंड में भी भड़केगी ठंड
छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों राज्यों में मौसम अचानक बदलेगा। रांची, धनबाद, जमशेदपुर और दुर्ग-बिलासपुर में न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
इन राज्यों में भी शीतलहर 15-16 नवंबर तक सक्रिय रहेगी।
मध्य प्रदेश में पारा तेजी से नीचे
मध्य प्रदेश में ठंड का असर सबसे तेज़ है। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, खरगोन और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री नीचे चल रहा है। अगले दो दिनों में शीतलहर के बढ़ने से हालात और सख्त हो सकते हैं।
लोगों के लिए क्या सलाह?
- मौसम विभाग और स्वास्थ्य एजेंसियों ने जनता को कुछ सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है:
- सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें
- बुजुर्ग और बच्चे विशेष रूप से सावधानी रखें
- प्रदूषण वाले इलाकों में मास्क पहनें
- वाहन चलाते समय कम विजिबिलिटी में सतर्क रहें
- कोहरे के समय हाई बीम का इस्तेमाल न करें
- रात में तापमान गिरने से पहले घर को गर्म रखें
अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। उत्तर भारत ठंड की गिरफ्त में आने वाला है, जबकि दक्षिण भारत भारी बारिश का सामना करेगा। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए तैयारी करना ही समझदारी है—क्योंकि अब कड़ाके की ठंड किसी भी वक्त दस्तक देने वाली है।





