हरियाणा में बुधवार यानी 15 फरवरी को दो मुस्लिम युवकों को जिंदा जलाने की बात सामने आयी थी। इस मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। जुनैद और नासिर के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने जुनैद और नासिर की बोलेरो को टक्कर मारकर पकड़ा था। इसके बाद अधमरी हालत में उन्हें बजरंग दल के मोनू मानेसर और उनके साथियों को सौंप दिया गया, जिसके बाद उनकी हत्या की गयी।
- परिवार मानता है कि गोतस्करी के शक में दोनों को बोलेरो समेत जिंदा जला दिया गया
- भिवानी के लोहारू गांव के नजदीक बुधवार यानी 15 फरवरी को इनकी बॉडी मिली
- मोनू पर 20 दिनों में 2 हत्या और 1 हत्या के प्रयास का आरोप है
- बोलेरो में जिन दो लोगों का जला हुआ शव मिला था, बताया गया कि दोनों राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले जुनैद और नासिर थे
- आरोप है कि 15 फरवरी को दोनों की कुछ लोगों ने पिटाई की उसके बाद किडनैप कर लिया था, जिसके बाद परिवार ने FIR दर्ज करवाई थी
ओवैसी भी कूदे
हरियाणा में जुनैद और नासिर की हत्या को लेकर शुरू राजनीति में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी भी कूद पड़े हैं और उन्होंने बीजेपी सरकार पर हमला किया है। ओवैसी ने कहा कि ये हकीकत है और जिनकी हत्या हुई है, उनके परिवारवालों ने शिकायत की है। ओवैसी ने कहा है कि किडनैपर मोनू हरियाणा की बीजेपी सरकार का चहेता है।
ओवैसी के बोलने से पहले और अभी भी मामले में एक आरोपी का नाम बार-बार सामने आ रहा है। वो नाम है गोरक्षक दल मानेसर जिला अध्यक्ष मोहित उर्फ मोनू यादव उर्फ मोनू मानेसर का। दरअसल, हरियाणा ने सिविल सोसाइटी को साथ लेकर गोरक्षक स्क्वॉड बनाया है, जो मवेशियों और तस्करों की सूचना देता है। हालांकि, ओवैसी का कुछ और ही कहना है, “बीजेपी सरकार उसको प्रोटेक्शन देती है। ये माफिया की तरह गैंग चलाता है. फेसबुक पर वारिस की मौत को लाइव किया गया। इसी शख्स ने मोईन को भी गोली मारी है. ओवैसी ने सवाल किया कि आरोपी को हरियाणा सरकार अरेस्ट क्यों नहीं कराती है?
- ओवैसी ने कहा, “मुझे उम्मीद है इन्साफ नहीं मिलेगा”
- ओवैसी ने इस दौरान राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर भी जमकर निशाना साधा और कहा, “जुनैद और नासिर को राजस्थान से किडनैप किया गया। उन्हें राजस्थान से हरियाणा लाकर जिंदा जलाकर मार दिया गया। अशोक गहलोत की पुलिस ने वक्त पर कार्रवाई नहीं की और अब तक मुजरिमों को गिरफ्तार नहीं किया”।
दोनों लाशें किनकी हैं?
ओवैसी ने जुनैद और नसीर हत्याकांड के मामले में बीजेपी सरकार पर हमला किया है। दरअसल, जुनैद-नासिर हत्याकांड के आरोपी मोनू मानेसर पर जुनैद की हत्या करने और मोईन पर गोली चलाने का केस दर्ज है। इस घटना से पहले मोनू मानेसर ने अपने साथियों संग गौ तस्करी के संदेह में एक 22 वर्षीय युवक (वारिस) को बुरी तरह से मारा-पीटा था। अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। पुलिस पर इस मामले को दबाने का भी आरोप है।
जुनैद-नासिर हत्याकांड मामले पर राजस्थान के भरतपुर रेंज के आईजी गौरव श्रीवास्तव ने कहा, “भरतपुर के गोपालगढ़ थाने में दो लोगों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। वे एक बोलेरो कार में सवार थे और उनका अपहरण कर लिया गया है। पीड़ित परिवार द्वारा दर्ज FIR में नामजद लोगों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया और तभी वे पकड़ में आए।”
मोनू मानेसर करता है इनकार
भिवानी के लोहारू में गुरुवार यानी 16 फरवरी की सुबह एक लावारिस बोलेरो जली हालत में मिली थी। गाड़ी की पिछली सीट पर दो लाशें भी बुरी तरह झुलस चुकी थीं। पुलिस की तफ्तीश में शवों की पहचान भरतपुर के घाटकीमा गांव के युवकों के रूप में हुई। भिवानी के डीएसपी ने बताया कि FSL और दूसरी टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की है। फिलहाल, इस बात की संभावना है कि या तो गाड़ी में आग लगने या जिंदा जलाने की वजह से दोनों की मौत हुई है। पुलिस हरेक एंगल से जांच कर रही है।
हालांकि, आरोपी मोनू मानेसर ने खुद को निर्दोष बताते हुए इन बातों से इंकार कर दिया है। उसने कहा है कि वह न तो भाग रहा है, न ही छुप रहा है। उसके ऊपर बस गोरक्षा से जुड़े होने की वजह से ही हमला हो रहा है।