Jio Platforms IPO Listing: जियो की कामयाबी पर भावुक हुए मुकेश अंबानी, अनंत और ईशा की बातों ने परिवार के पुराने सफर को किया याद

रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग को कंपनी के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया जा रहा है। बुधवार को आयोजित लिस्टिंग समारोह में कारोबार की सफलता के साथ अंबानी परिवार की भावनात्मक कहानी भी सामने आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपने बेटे अनंत अंबानी और बेटी ईशा अंबानी के संबोधन के दौरान भावुक नजर आए। दोनों ने जियो के विकास, परिवार की पुरानी यादों और कंपनी को इस मुकाम तक पहुंचाने में हुई मेहनत का जिक्र किया। समारोह में जियो की उपलब्धियों के साथ रिलायंस की उस कारोबारी सोच को भी याद किया गया, जिसके तहत कंपनी ने अपनी सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बीएसई और एनएसई पर 21 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम के साथ 1,358 रुपये पर सूचीबद्ध हुए। इस प्रदर्शन के बाद कंपनी के बाजार मूल्यांकन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई। जियो की लिस्टिंग को केवल शेयर बाजार की घटना नहीं, बल्कि डिजिटल कारोबार में कंपनी की लंबी यात्रा के अहम पड़ाव के रूप में पेश किया गया।

जियो की लिस्टिंग के दौरान मुकेश अंबानी क्यों हुए भावुक, परिवार के संबोधन ने समारोह को बनाया खास
लिस्टिंग समारोह में मुकेश अंबानी की भावुक प्रतिक्रिया ने सबका ध्यान खींचा। अपने संबोधन में अनंत और ईशा अंबानी ने कंपनी की उपलब्धियों के साथ उस मेहनत और विश्वास की चर्चा की, जिसने जियो को करोड़ों लोगों तक पहुंचाया। दोनों की बातें सुनते हुए मुकेश अंबानी की आंखों में आंसू दिखाई देने की बात सामने आई। यह क्षण परिवार के लिए भावनात्मक होने के साथ रिलायंस समूह के सफर को भी दर्शाता है। जियो ने पिछले एक दशक में दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। कंपनी की सफलता के पीछे तकनीकी निवेश, नेटवर्क का विस्तार और ग्राहकों तक सेवाएं पहुंचाने की रणनीति को अहम माना जाता है। समारोह में इन उपलब्धियों के साथ परिवार की अगली पीढ़ी की भूमिका भी चर्चा में रही।

ईशा अंबानी ने 1977 की पुरानी याद साझा कर बताया, रिलायंस की सोच आज भी आगे बढ़ रही है
रिलायंस रिटेल वेंचर्स की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने अपने भाषण में परिवार से जुड़ा एक पुराना किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले डिनर के दौरान मुकेश अंबानी वर्ष 1977 के दिनों को याद कर रहे थे। उस समय उनकी उम्र करीब 20 साल थी और वह रिलायंस के पहले पब्लिक इश्यू से जुड़े काम में लगे हुए थे। ईशा के अनुसार, उनके दादा धीरूभाई अंबानी कंपनी को आम निवेशकों तक पहुंचाना चाहते थे। यही सोच रिलायंस की कारोबारी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी। जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग को इसी परंपरा के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें कंपनी अपने कारोबार को व्यापक निवेशक समुदाय से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई देती है।

जियो के 15.5 अरब डॉलर के रेवेन्यू और 8 अरब डॉलर की कमाई का जिक्र कर ईशा ने बताई उपलब्धि
ईशा अंबानी ने अपने संबोधन में जियो की वित्तीय उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस साल कंपनी का रेवेन्यू लगभग 15.5 अरब डॉलर और वास्तविक कमाई करीब 8 अरब डॉलर रही। उनके मुताबिक, इतने कम समय में इस स्तर तक पहुंचना किसी भी कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि है। जियो की शुरुआत के बाद डिजिटल सेवाओं, इंटरनेट कनेक्टिविटी और मोबाइल उपभोक्ताओं के बीच इसकी पहुंच में तेजी से विस्तार हुआ। कंपनी ने अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए नेटवर्क और तकनीकी ढांचे में निवेश किया। जियो की वित्तीय प्रगति को रिलायंस समूह की डिजिटल रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है। हालांकि, इन आंकड़ों का सही अर्थ समझने के लिए कंपनी की आधिकारिक वित्तीय रिपोर्ट और संबंधित अवधि का विवरण देखना जरूरी है।

आकाश अंबानी की मेहनत को ईशा ने किया सलाम, भाई के साथ काम करने पर जताया गर्व
ईशा अंबानी ने अपने भाई और जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी की मेहनत की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जियो को विकसित करने के लंबे सफर में आकाश ने लगातार समय दिया और कई बार आधी रात से पहले घर नहीं पहुंच पाते थे। ईशा ने अपने भाई के प्रति गर्व जताते हुए कंपनी के निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। जियो की प्रगति में नेतृत्व, तकनीकी फैसलों और बड़े स्तर पर सेवाएं पहुंचाने की रणनीति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ईशा की बातों ने समारोह को पारिवारिक भावनाओं से जोड़ दिया। इससे यह संदेश भी सामने आया कि बड़ी कारोबारी उपलब्धियों के पीछे वर्षों की मेहनत, समर्पण और टीम के साथ काम करने की प्रक्रिया होती है।

अनंत अंबानी ने जियो की सफलता का श्रेय लोगों को दिया, कारोबार को पूजा से जोड़ा
रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने अपने भाषण की शुरुआत जियो पर भरोसा जताने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कंपनी की उपलब्धि को उन लाखों लोगों से जोड़कर देखा, जिन्होंने जियो की सेवाओं का इस्तेमाल किया और उसके विकास में योगदान दिया। अनंत ने शेयर बाजार में लिस्टिंग के दौरान बजने वाली घंटी की तुलना मंदिर की घंटी से की। उन्होंने कारोबार को पूजा की तरह बताते हुए कहा कि पूजा के बाद प्रसाद सभी के साथ साझा किया जाता है। इसी भावना के साथ उन्होंने जियो की सफलता को भारत के साथ साझा करने की बात कही। इस संबोधन ने समारोह को भावनात्मक और प्रतीकात्मक रंग दिया। जियो की लिस्टिंग के जरिए कंपनी ने अपने कारोबारी सफर के नए चरण की ओर कदम बढ़ाया, जबकि निवेशकों की नजर अब इसके बाजार प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं पर रहेगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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