250 एकड़ में फैली जौहर यूनिवर्सिटी के भीतर क्या है? दो मस्जिदें, मेडिकल कॉलेज, विंटेज कारों का शोकेस और PWD गेस्ट हाउस चर्चा में

Jauhar University

ध्वस्तीकरण आदेश के बाद फिर सुर्खियों में जौहर यूनिवर्सिटी

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा परिसर की 38 इमारतों पर ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए जाने के बाद इस विशाल कैंपस को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। करीब 250 एकड़ में फैला यह परिसर शैक्षणिक संस्थानों के साथ कई अन्य संरचनाओं के कारण भी चर्चा में है।

प्रशासनिक भवन से फैकल्टी ब्लॉक तक

यूनिवर्सिटी के मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर प्रवेश करते ही बाईं ओर प्रशासनिक भवन स्थित है, जहां यूनिवर्सिटी का प्रशासनिक कार्य संचालित होता रहा है। मुख्य सड़क के दोनों ओर विभिन्न फैकल्टी भवन बनाए गए हैं, जिनके नाम मुलायम सिंह यादव, सर सैयद अहमद खान और महात्मा गांधी सहित कई प्रमुख हस्तियों के नाम पर रखे गए हैं। इन भवनों में कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और प्रशासनिक कार्यालय संचालित होते हैं।

मेडिकल कॉलेज और विंटेज कारों का शोकेस

कैंपस के मध्य भाग में लाल रंग की विशाल मेडिकल कॉलेज की इमारत स्थित है। इसके समीप सड़क किनारे विंटेज कारों के प्रदर्शन के लिए विशेष क्षेत्र बनाया गया है, जहां कई पुरानी और दुर्लभ कारें रखी गई हैं। आजम खान की विंटेज कारों में रुचि को देखते हुए यह हिस्सा यूनिवर्सिटी की सबसे अलग पहचान माना जाता रहा है।

परिसर में दो मस्जिदें और PWD गेस्ट हाउस

जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में दो मस्जिदें मौजूद हैं। बीच में स्थित छोटी मस्जिद नाखुदा मस्जिद के नाम से जानी जाती है, जबकि अंतिम छोर पर स्थित बड़ी मस्जिद मस्जिद उमर कहलाती है, जिसे परिसर की जामा मस्जिद माना जाता है। इसके अलावा परिसर में लोक निर्माण विभाग (PWD) का एक गेस्ट हाउस भी स्थित है। कैंपस के भीतर लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क पूरे परिसर को जोड़ती है।

खेल सुविधाएं, कोसी नदी और बढ़ी कानूनी हलचल

यूनिवर्सिटी परिसर में खेल मैदान, इनडोर स्टेडियम और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। परिसर के पिछले हिस्से से कोसी नदी बहती है, जिससे इसका भौगोलिक स्वरूप और भी विशिष्ट बनता है। अब 38 इमारतों पर ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद यह पूरा परिसर फिर से कानूनी और प्रशासनिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है। आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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