रिपोर्ट में दावा- बार-बार चोटिल खिलाड़ियों से टीम मैनेजमेंट नाराज
भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। फील्डिंग कोच टी दिलीप और असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट के टीम से अलग होने के बाद अब हेड फिजियो कमलेश जैन की भूमिका भी चर्चा में है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टीम मैनेजमेंट लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने की घटनाओं को लेकर फीडबैक देने की तैयारी में है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के महीनों में हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस संबंधी समस्याओं ने टीम चयन और प्लेइंग इलेवन पर असर डाला है। दावा किया गया है कि कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर बार-बार खिलाड़ियों के चोटिल होने से चिंतित हैं। हालांकि, इस संबंध में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI), गौतम गंभीर, शुभमन गिल या कमलेश जैन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और मैदान पर वापसी की प्रक्रिया की समीक्षा की जा सकती है। यह भी सवाल उठाए गए हैं कि क्या कुछ खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट हुए बिना ही मैदान पर उतारा गया। रिपोर्ट में नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा के उदाहरणों का भी उल्लेख किया गया है।
कमलेश जैन वर्ष 2022 से भारतीय टीम के हेड फिजियो हैं। इससे पहले वे नितिन पटेल की जगह इस जिम्मेदारी पर आए थे। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी कार्यप्रणाली के साथ-साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के फिटनेस प्रबंधन पर भी चर्चा हो सकती है।
इस बीच, फील्डिंग कोच टी दिलीप ने भारतीय टीम के साथ अपना कार्यकाल समाप्त होने पर भावुक विदाई संदेश साझा किया। नवंबर 2021 में टीम से जुड़े दिलीप का अनुबंध नवीनीकृत नहीं किया गया। उनकी जगह शुभदीप घोष को नया फील्डिंग कोच बनाया गया है, जो श्रीलंका दौरे से टीम के साथ जुड़ेंगे।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सपोर्ट स्टाफ में और बदलाव होंगे या नहीं। लेकिन हालिया रिपोर्टों ने टीम इंडिया के फिटनेस प्रबंधन और खिलाड़ियों की रिकवरी प्रक्रिया को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यदि इस विषय पर बीसीसीआई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, तो तस्वीर और साफ हो सकेगी।





