क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आज खरीदारी, ऑनलाइन भुगतान और कारोबारी खर्चों को संभालने के लिए तेजी से बढ़ रहा है। ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को देखते हुए बैंक कई तरह के कार्ड उपलब्ध कराते हैं। सरकारी क्षेत्र के Indian Bank के IB Visa Platinum और IB Visa Business क्रेडिट कार्ड भी इसी श्रेणी में आते हैं। दोनों कार्डों में रिवॉर्ड पॉइंट और वार्षिक शुल्क जैसी सुविधाएं हैं, लेकिन ब्याज दर, EMI की उपलब्धता और क्रेडिट लिमिट तय करने के तरीके में अंतर है। इसलिए कार्ड चुनने से पहले इनके नियम समझना जरूरी है। ध्यान रखें कि क्रेडिट लिमिट बैंक द्वारा पात्रता, आय, क्रेडिट हिस्ट्री और अन्य मानकों के आधार पर तय की जाती है। कार्ड पर उपलब्ध सीमा को मुफ्त पैसा न समझें, क्योंकि समय पर पूरा भुगतान नहीं करने पर ब्याज और अन्य शुल्क लग सकते हैं।
IB Visa Platinum Card में EMI की सुविधा, लेकिन ब्याज और वार्षिक शुल्क समझना जरूरी
Indian Bank का IB Visa Platinum क्रेडिट कार्ड उन ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकता है जो खरीदारी पर रिवॉर्ड पाना चाहते हैं और पात्र लेनदेन को EMI में बदलने की सुविधा चाहते हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस कार्ड की बताई गई क्रेडिट लिमिट ₹1 लाख से शुरू हो सकती है, हालांकि वास्तविक सीमा बैंक की मंजूरी और पात्रता पर निर्भर करेगी। इसकी ब्याज दर 1.66 प्रतिशत प्रति माह बताई गई है, जबकि EMI पर ब्याज दर 1.4 प्रतिशत प्रति माह दी गई है। खरीदारी पर प्रत्येक ₹200 के खर्च के लिए एक रिवॉर्ड पॉइंट मिलने का उल्लेख है। 500 पॉइंट जमा होने पर उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार क्रेडिट या रिडीम किया जा सकता है। पहले साल वार्षिक रखरखाव शुल्क नहीं है, जबकि दूसरे साल से ₹250 सालाना शुल्क बताया गया है। आवेदन से पहले बैंक की मौजूदा शर्तें जरूर जांचें।
IB Visa Business Card कारोबारियों के खर्चों को व्यवस्थित करने के लिए बनाया गया है
IB Visa Business क्रेडिट कार्ड मुख्य रूप से स्वरोजगार करने वाले लोगों, कारोबारियों और व्यावसायिक संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। इसकी क्रेडिट लिमिट ग्राहक की पात्रता, जरूरत और बैंक की मंजूरी के आधार पर तय होती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस कार्ड पर EMI की सुविधा नहीं है और ब्याज दर 1.99 प्रतिशत प्रति माह बताई गई है। कार्ड से नकद निकालने की सीमा कुल स्वीकृत क्रेडिट लिमिट के 40 प्रतिशत तक बताई गई है। हालांकि, नकद निकासी पर अलग शुल्क और ब्याज लागू हो सकते हैं। इसलिए इस सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले बैंक की शर्तों को समझना जरूरी है। कारोबार से जुड़े भुगतान करने वालों को यह भी देखना चाहिए कि कार्ड के खर्चों का हिसाब रखने और बिल समय पर चुकाने की व्यवस्था उनके लिए कितनी सुविधाजनक है।
Business Card पर ₹500 सालाना शुल्क, जबकि Platinum Card की फीस ₹250 है
दोनों कार्डों के वार्षिक रखरखाव शुल्क में अंतर है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, IB Visa Business Card पहले साल मुफ्त है और दूसरे साल से ₹500 सालाना शुल्क लगता है। इसके मुकाबले IB Visa Platinum Card पर पहले साल कोई वार्षिक रखरखाव शुल्क नहीं बताया गया है और दूसरे साल से ₹250 प्रति वर्ष देना होता है। दोनों कार्डों पर न्यूनतम मासिक देय राशि कुल बकाया का 5 प्रतिशत बताई गई है। लेकिन केवल न्यूनतम राशि जमा करना बेहतर भुगतान रणनीति नहीं है, क्योंकि शेष बकाया पर ब्याज लग सकता है। समय पर पूरा बिल चुकाने से अनावश्यक ब्याज खर्च से बचने में मदद मिलती है। वास्तविक शुल्क और नियमों की पुष्टि Indian Bank की नवीनतम फीस सूची से करनी चाहिए।
दोनों कार्डों पर रिवॉर्ड पॉइंट मिलते हैं, लेकिन सही चुनाव जरूरत के हिसाब से करें
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, IB Visa Platinum और IB Visa Business दोनों कार्डों पर प्रत्येक ₹200 खर्च करने पर एक रिवॉर्ड पॉइंट मिलता है। 500 पॉइंट होने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार उनका इस्तेमाल किया जा सकता है। दोनों में मुख्य अंतर EMI सुविधा, ब्याज दर और वार्षिक शुल्क का है। Platinum Card में EMI की सुविधा बताई गई है, जबकि Business Card में यह उपलब्ध नहीं है। यदि कार्ड व्यक्तिगत खरीदारी के लिए चाहिए, तो Platinum की सुविधाओं पर विचार किया जा सकता है। वहीं, कारोबारी खर्चों के लिए Business Card पर विचार करने वाले ग्राहकों को उसकी फीस और नकद निकासी की शर्तें समझनी चाहिए। अंतिम निर्णय से पहले बैंक से क्रेडिट लिमिट, रिवॉर्ड की वास्तविक कीमत, ब्याज और अन्य शुल्क की पुष्टि करना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है और इसे वित्तीय सलाह न माना जाए। ब्याज दरें, फीस, क्रेडिट लिमिट और रिवॉर्ड नियम बदल सकते हैं। कार्ड लेने से पहले Indian Bank की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से नवीनतम शर्तों की पुष्टि करें।





