पाकिस्तान था पुराना दोस्त, तुर्किए देता रहा हर मसले पर साथ, पर संकट में भारत ही आ रहा है काम

नई दिल्लीः  तुर्किए और सीरिया में भयंकर भूकंप आया है। केवल तुर्किेए में इस से 15 हजार के करीब जानें चली गयी हैं। आंकड़ा बढ़ने का ही अंदेशा है। भारत हमेशा की तरह संकट की घड़ी में दुनिया में मानवता की मिसाल बनकर खडा हुआ है, वहीं पाकिस्तान को दोस्त मानने वाला तुर्की शहबाज शरीफ सरकार की तरफ से मदद के नाम पर कुछ भी नहीं पा सका है। हालांकि, पाकिस्तान ने कहा है कि वह कुछ दिनों तक तुर्की से आर्थिक सहायता नहीं मांगेगा। तुर्की ने भी उसे मना कर दिया है।

पाकिस्तान ने हाथ खड़े किए

तुर्किए की पाकिस्तान ने एक छोटी मदद की है, जो इस वक्त तुर्की के लिए ऊंट के मुंह में जीरा के सामान है। वैसे, तुर्किए हमेशा कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ जहर उगलता हुआ आया है। वह हमेशा कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देता आया है,  लेकिन मदद भारत ने बढ़-चढ़कर की है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही तुर्किए ने पाकिस्तान को लताड़ लगाते हुए कहा है कि हमारे यहां आने की जरूरत नहीं है, हम बचाव और राहत कार्यों में व्यस्त है।

भारतीय सेना ने लोगों की मदद के लिए आर्मी का फील्ड अस्पताल भी तुर्की के हेते शहर में सेट किया है, जहां पर भूकंप से चोटिल लोगं का इलाज किया जा रहा है। वहीं विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भारत तुर्की के लोगों की हर संभव मदद करने के लिए तैयार है।

भारत की तरफ से चलाए जा रहे ऑपरेशन पर तुर्की के राजदूत फिरत सनेल ने कहा कि यह दिखाता है कि भारत और तुर्की के बीच दोस्ती है। ऑपरेशन दोस्त काफी अहम ऑपरेशन है। दोस्त हमेशा एक-दूसरे की मदद करते हैं।

भारत ने की है पहले भी मदद

भारत पहले भी दुनिया में एक मददगार देश बनकर उभरा है। कोविड के दौरान 150 से अधिक देशों में वैक्सीन की आपूर्ति हो, या नेपाल में बाढ़ के समय सहायता, श्रीलंका में सुनामी के समय सहायता हो या स्वयं पाकिस्तान में हाल ही में आई बाढ़ के समय सहायता देना, भारत हरेक जगह मौजूद रहा है।

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