बाजार की शुरुआत से ही दिखी कमजोरी, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों दबाव में
आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई और गिरावट का सिलसिला लगातार बढ़ता गया। सेंसेक्स करीब 922 अंकों की गिरावट के साथ 76,600 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी भी 302 अंक टूटकर 23,875 के स्तर पर पहुंच गया। ओपनिंग में ही बाजार ने निगेटिव संकेत दे दिए थे, जहां सेंसेक्स 850 अंक गिरकर खुला और निफ्टी भी 265 अंक नीचे फिसल गया।
बैंकिंग सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव, बड़े शेयरों में बिकवाली हावी
आज की गिरावट में बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जो करीब 1.5% तक टूट गया। बाजार में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया, खासकर बड़े और दिग्गज शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। Adani Energy Solutions, Zomato, PFC और REC जैसे शेयर शुरुआती कारोबार में लाल निशान में रहे, जिससे निवेशकों का भरोसा और डगमगा गया।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ी चिंता, बाजार पर सीधा असर
गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रहीं। ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव की आशंका बढ़ गई। इसके चलते निवेशकों में घबराहट का माहौल बना और उन्होंने तेजी से बिकवाली शुरू कर दी, जिसका असर सीधे बाजार पर दिखा।
अमेरिकी फेड और ग्लोबल संकेतों ने भी बढ़ाया दबाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करना भी बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना गया। साथ ही, वैश्विक मंदी की आशंका और अमेरिका-ईरान तनाव ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। वॉल स्ट्रीट में भी गिरावट देखने को मिली, जिसका असर एशियाई बाजारों पर साफ नजर आया।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, ज्यादातर इंडेक्स कमजोर
एशियाई बाजारों में भी दबाव बना रहा। जापान का निक्केई 225 करीब 0.91% गिरा, जबकि टॉपिक्स में 1.48% की गिरावट आई। हालांकि, दक्षिण कोरिया का कोस्पी हल्की बढ़त में रहा, लेकिन कोस्डैक में कमजोरी देखी गई। हांगकांग का हैंग सेंग भी दबाव में ट्रेड करता नजर आया।
लंबी छुट्टी से पहले निवेशक सतर्क, पोजीशन कम करने की होड़
1 मई को महाराष्ट्र दिवस के कारण बाजार बंद रहेगा, जिसके बाद वीकेंड की छुट्टियां भी रहेंगी। ऐसे में निवेशक जोखिम कम करने के लिए अपनी पोजीशन घटा रहे हैं। इसी वजह से बाजार में बिकवाली और तेज हो गई है।
नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। liveindia.news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।





