Women’s T20 World Cup 2026: ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारत का सफर खत्म, सुनील गावस्कर ने बताई टूर्नामेंट से बाहर होने की सबसे बड़ी वजह

भारतीय महिला क्रिकेट टीम का महिला टी20 विश्व कप 2026 में सफर ग्रुप चरण में ही समाप्त हो गया। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत जरूरी थी, लेकिन मजबूत शुरुआत के बावजूद टीम लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकी। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 170/4 का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार अर्धशतक खेला, जबकि सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने दबाव के बावजूद संयम बनाए रखा और जीत दर्ज कर भारत का अभियान समाप्त कर दिया। इस हार के बाद पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर> ने टीम के प्रदर्शन पर कई अहम सवाल उठाए हैं।

हरमनप्रीत, स्मृति और शेफाली की शानदार बल्लेबाजी के बावजूद नहीं बच सकी जीत

भारत के लिए मुकाबले की शुरुआत सकारात्मक रही। सलामी जोड़ी ने तेज रन बनाकर मजबूत आधार तैयार किया, जिसके बाद हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार अर्धशतक लगाया। टीम ने 20 ओवर में 170 रन पर 4 विकेट खोकर ऑस्ट्रेलिया के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। यह स्कोर ऐसे मुकाबले में काफी प्रतिस्पर्धी माना जा रहा था, जहां जीत ही सेमीफाइनल का टिकट दिला सकती थी।

72 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद पेरी और गार्डनर ने पलट दिया पूरा मैच

171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम पर शुरुआती दबाव साफ दिखाई दिया। भारतीय गेंदबाजों ने 10 ओवर के भीतर ऑस्ट्रेलिया को 72 रन पर 3 विकेट तक रोक दिया था। इसके बाद एलिस पेरी और एशले गार्डनर ने शानदार साझेदारी करते हुए मैच का रुख बदल दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई 100 रन की साझेदारी ने भारत की जीत की उम्मीदों को खत्म कर दिया और ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य हासिल कर सेमीफाइनल में जगह बना ली।

सुनील गावस्कर ने कहा- असली झटका दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार से लगा था

मैच के बाद सुनील गावस्कर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया से हार चौंकाने वाली नहीं थी, लेकिन भारत की सबसे बड़ी गलती दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में हुई। उनके मुताबिक उस मैच में भारतीय टीम की फील्डिंग बेहद खराब रही और जीत की स्थिति में होने के बावजूद टीम मुकाबला हार गई। गावस्कर का मानना है कि उसी हार ने भारत की सेमीफाइनल की राह लगभग बंद कर दी थी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला केवल औपचारिक चुनौती बनकर रह गया।

पूर्व कप्तान ने खिलाड़ियों की फिटनेस और टीम रणनीति पर भी उठाए सवाल

गावस्कर ने यह भी कहा कि दूर से पूरी स्थिति का आकलन करना आसान नहीं है, लेकिन मैदान पर कुछ खिलाड़ियों के हाथों में बैंडेज देखकर ऐसा लगा कि शायद सभी खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं था तो क्या उसके स्थान पर रिजर्व खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया जा सकता था। साथ ही उन्होंने टीम की रणनीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ अतिरिक्त कवर क्षेत्र में लगातार रन बनने के बावजूद फील्ड सेटिंग में जरूरी बदलाव नहीं किए गए, जिसका फायदा विपक्षी बल्लेबाजों ने उठाया।

विश्व कप से मिली सीख, अब अगले बड़े टूर्नामेंट की तैयारी पर रहेगा पूरा फोकस

ग्रुप चरण में बाहर होने के बाद भारतीय महिला टीम अब अपने प्रदर्शन की समीक्षा करेगी। बल्लेबाजी में कई सकारात्मक पहलू सामने आए, लेकिन फील्डिंग, दबाव के क्षणों में रणनीति और महत्वपूर्ण साझेदारियों को तोड़ने में टीम कमजोर नजर आई। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन कमियों पर समय रहते काम किया जाता है तो भारतीय टीम आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में मजबूत वापसी कर सकती है।

 

 

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