IAS Durga Shakti Nagpal: दुर्गा शक्ति पर भरोसा… क्या है IAS दुर्गा शक्ति नागपाल का छत्तीसगढ़ से संबंध…CM योगी ने दी ये बड़ी जिम्‍मेदारी

IAS Durga Shakti Nagpal

दुर्गा शक्ति पर भरोसा… क्या है IAS दुर्गा शक्ति नागपाल का छत्तीसगढ़ से संबंध…CM योगी ने दी बड़ी जिम्‍मेदारी

अखिलेश सरकार में किया था सस्‍पेंड

दुर्गा शक्ति पर CM योगी का भरोसा, तेजतर्रार IAS को मिली बड़ी जिम्मेदारी

2013 में सस्पेंड हुईं अधिकारी अब बनीं कमिश्नर, रायपुर से लेकर यूपी तक का सफर बना मिसाल

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल के बीच एक बार फिर चर्चाओं में आईं आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। यह नियुक्ति न केवल उनके करियर में एक बड़ा पड़ाव है, बल्कि उनके संघर्ष और सख्त प्रशासनिक छवि की भी पुष्टि करती है।

2013 में सुर्खियों में आईं थीं

रविवार देर रात राज्य में 40 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया, जिसमें कई जिलों के जिलाधिकारी भी बदले गए। इसी सूची में लखीमपुर की डीएम रहीं दुर्गा शक्ति नागपाल को प्रमोट करते हुए नई जिम्मेदारी दी गई। इससे पहले वर्ष 2025 में उन्हें सचिव पद पर पदोन्नत किया जा चुका था।  दुर्गा शक्ति नागपाल पहली बार वर्ष 2013 में चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने नोएडा में बालू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। उस समय अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। यह फैसला काफी विवादों में रहा और आईएएस एसोसिएशन ने भी इसका विरोध किया। विपक्षी दलों ने इसे माफिया के दबाव में लिया गया निर्णय बताया था। हालांकि बाद में उनका निलंबन खत्म कर दिया गया और उन्हें फिर से सेवा में बहाल किया गया।

शिक्षा और करियर की मजबूत नींव..छत्तीसगढ़ से खास संबंध

2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल का जन्म रायपुर में हुआ था। उन्होंने इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वूमेन से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्होंने पहले प्रयास में यूपीएससी पास कर IRS सेवा जॉइन की, लेकिन इसके बाद दोबारा परीक्षा देकर ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल की और आईएएस बनीं। दुर्गा शक्ति नागपाल का जन्म और प्रारंभिक जीवन छत्तीसगढ़ से जुड़ा रहा है। उनके पिता सुभाष नागपाल भारतीय सांख्यिकी सेवा में अधिकारी थे, जबकि उनके दादा पुलिस विभाग में कार्यरत थे। इस तरह उनका परिवार प्रशासनिक सेवा से गहराई से जुड़ा रहा है, जिसने उनके करियर को भी प्रभावित किया।

पंजाब कैडर से यूपी तक का सफर

आईएएस बनने के बाद उन्हें पंजाब कैडर मिला, जहां उनकी पहली पोस्टिंग मोहाली में हुई। यहां उन्होंने भूमि घोटाले के खिलाफ कार्रवाई कर अपनी सख्त छवि बनाई। बाद में विवाह के बाद उन्होंने अपना कैडर बदलकर उत्तर प्रदेश करवा लिया। उनके पति अभिषेक सिंह भी आईएएस अधिकारी रहे हैं, हालांकि अब उन्होंने सेवा छोड़ दी है और मनोरंजन जगत में सक्रिय हैं। 2013 में निलंबन के बाद 22 सितंबर को उनका सस्पेंशन समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें कानपुर देहात में जॉइंट मजिस्ट्रेट के रूप में तैनाती दी गई। इस पूरे प्रकरण ने उन्हें एक सख्त और ईमानदार अधिकारी के रूप में स्थापित किया।

सोशल मीडिया पर भी सक्रिय

दुर्गा शक्ति नागपाल सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं। वह अपने परिवार और बच्चों के साथ तस्वीरें साझा करती हैं, जिससे उनकी एक संवेदनशील और पारिवारिक छवि भी सामने आती है।  कुल मिलाकर, दुर्गा शक्ति नागपाल का सफर संघर्ष, साहस और कड़ी मेहनत का उदाहरण है। एक समय विवादों में घिरी अधिकारी आज प्रदेश के महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद पर पहुंच चुकी हैं। यह नियुक्ति न केवल उनकी कार्यशैली पर भरोसे को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि मजबूत इरादों के साथ काम करने वाले अधिकारियों के लिए अवसर हमेशा मौजूद रहते हैं।

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